फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Supreme Court has ordered the status quo in the matter of removal of 1.67 lakh illegal encroachments.

Himachal: 1.67 लाख अवैध कब्जे हटाने के हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम रोक, यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

Thu, 16 Jul 2026 09:56 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 16 Jul 2026 09:56 PM IST
सार

शीर्ष अदालत के इस आदेश से फिलहाल हिमाचल प्रदेश में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई पर रोक लग गई है। सरकारी भूमि पर करीब 1.67 लाख अवैध कब्जों को हटाने के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। 

विज्ञापन
Supreme Court has ordered the status quo in the matter of removal of 1.67 lakh illegal encroachments.
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी भूमि पर करीब 1.67 लाख अवैध कब्जों को हटाने के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत के इस आदेश से हिमाचल प्रदेश में फिलहाल सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई पर रोक लग गई है। न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई करते हुए विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और दूसरे पक्ष पूनम गुप्ता व अन्य को नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन
Trending Videos

राज्य सरकार की ओर इस याचिका को दायर करने में हुई देरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने देरी को माफ करने के आवेदन को मंजूरी दे दी। खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक विवादित संपत्ति के संबंध में आज जैसी स्थिति है, दोनों पक्षों की ओर से वही यथास्थिति बनाए रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पहले से लंबित एक अन्य समान मामले में विशेष अनुमति याचिका (सिविल) संख्या 30494/2025 के साथ संलग्न करने का आदेश दिया है, ताकि दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है पूरा मामला
यह मामला मूल रूप से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से 5 अगस्त 2025 को पारित सीडब्ल्यूपी 1028/2002 पूनम गुप्ता मामले में दिए गए अंतिम फैसले से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने मामले में हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम की धारा 163-ए को असांविधानिक करार देते हुए सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकार को तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के आदेश भी दिए थे। हाईकोर्ट का मानना था कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को नियमित करने का प्रावधान कानून के अनुरूप नहीं है और इससे अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता है। हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार और अन्य विभागों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से फिलहाल विवादित जमीन या संपत्ति पर किसी भी तरह के बदलाव या निर्माण पर रोक लग गई है।

विज्ञापन

वर्ष 2002 में नियमितीकरण नीति के तहत मांगे थे आवेदन
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में पूर्व सरकार ने नियमितीकरण नीति के तहत सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों से आवेदन मांगे थे। 15 अगस्त 2002 तक 1,67,339 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें 24,198 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जों के नियमितीकरण की मांग की गई थी। इसके बाद वर्ष 2017 में सरकार ने पांच बीघा तक सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को नियमित करने के लिए ड्राफ्ट नियम भी जारी किए थे। हालांकि इन नियमों को अदालत में चुनौती मिलने के बाद सरकार ने स्पष्ट किया था कि उसके पास अवैध कब्जों को नियमित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed