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पद मुक्त किए जाने के बाद भड़के धवाला समर्थक, बोले- पद मुक्त किए जाने के बाद भड़के धवाला समर्थक
Sun, 01 Nov 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
अमर उजाला नेटवर्क, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 01 Nov 2020 05:00 AM IST
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भाजपा
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल भाजपा अध्यक्ष की ओर से ज्वालामुखी मंडल को भंग करने के बाद ज्वालामुखी में सियासी ज्वाला फिर भड़क गई है। पद मुक्त हुए धवाला समर्थकों ने पार्टी हाईकमान के फैसले को एकतरफा और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। धवाला समर्थकों ने बताया कि उनके साथ अन्याय हुआ है। भाजपा नेताओं कुलदीप शर्मा, जोगेंद्र कौशल, रामस्वरूप शास्त्री, केहर सिंह, प्रकाश राणा, हरि सिंह, विजय कुमार आदि ने कहा की ज्वालामुखी में समानांतर संगठन खड़े करने वाले लोग क्यों उनके पदों से नहीं हटाए गए। उनको किसका संरक्षण प्राप्त है। ज्वालामुखी मंडल में समानांतर कमेटियां गठित करने वाले लोग ही इस विवाद की असली जड़ हैं।
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भाजपा नेताओं ने हाईकमान से पूछा कि कांग्रेस विचारधारा के लोगों को भाजपा में शामिल करके जिला और प्रदेश स्तर के ओहदे रेबड़ियों की तरह किसकी शह और संरक्षण में बांटे गए। भाजपा के साथ कई सालों से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नीचा दिखाने के लिए कांग्रेसी विचारधारा के लोगों को बुलाकर उनको पार्टी के ऊंचे पदों पर बैठाया गया। भाजपा मोर्चा और प्रकोष्ठ में जो भी लोग भेजे जाते हैं, उनका चयन पार्टी संविधान के अनुसार स्थानीय विधायक और मंडल भाजपा कार्यकारिणी करती है। लेकिन, यहां इसके विपरीत समानांतर कमेटियां गठित करके मंडल भाजपा और जनता के चुने हुए प्रतिनिधि स्थानीय विधायक रमेश धवाला को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, विरोधी धड़े के लोगों ने लोगों को गुमराह कर उनको शिमला ले जाकर मुख्यमंत्री से विधायक की शिकायतें करवाईं।
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विधायक के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले लोग पार्टी के उच्च पदों पर विराजमान हैं। पार्टी की सर्वत्र फजीहत हुई है। इससे भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। पार्टी हाईकमान की नजर में सभी एक बराबर होने चाहिए परंतु रमेश धवाला के समर्थकों पर गाज गिरी है जबकि दूसरे धड़े के लोग आज भी अनुशासनहीनता की सभी सीमाएं तोड़ने के बाद भी अपने पदों पर कायम हैं। यह सरासर अन्याय है। इसके खिलाफ वे आगे भी आवाज बुलंद करते रहेंगे। पार्टी हाईकमान नोटिस भेजकर उनका पक्ष जानती उसके बाद कार्रवाई की जाती या किसी बड़े नेता को पर्यवेक्षक बना कर यहां भेजते तो उनको सच्चाई का पता चलता। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप से मांग की है कि ज्वालामुखी में किसी बड़े भाजपा नेता को पर्यवेक्षक के रूप में भेजकर यहां की वस्तुस्थिति को समझा जाए और पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं के बयान दर्ज कर उसके बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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