Shimla: नवंबर 2027 तक शुरू होगी सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना, ईपीसी समझौता हस्ताक्षरित
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा की मौजदूगी में मैसर्स ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद के साथ 1,098 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
नंद लाल शर्मा ने बताया कि सिविल एवं हाइड्रो-मेकेनिकल संबंधी संकार्यों के लिए अवार्ड पत्र 14 जनवरी 2023 को जारी किया गया था।
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सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना (382 मेगावाट) के सिविल एवं हाइड्रो-मेकेनिकल संकार्य संबंधी इंजीनियरिंग, प्रापण एवं निर्माण के लिए ईपीसी समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर हुए। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा की मौजदूगी में मैसर्स ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद के साथ 1,098 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। नंद लाल शर्मा ने बताया कि सिविल एवं हाइड्रो-मेकेनिकल संबंधी संकार्यों के लिए अवार्ड पत्र 14 जनवरी 2023 को जारी किया गया था। परियोजना के विभिन्न सिविल घटकों संबंधी निर्माणकारी गतिविधियां पूरे जोरों से चल रही हैं। परियोजना को समय पर निष्पादित करने संबंधी सुविधा के लिए अवसंरचनात्मक विकास एवं परियोजना स्थल पर प्रमुख कांट्रेक्टर का मोबीलाइजेशन पूर्ण गति पर है। यह परियोजना 58 माह के भीतर नवंबर 2027 तक कमीशन की जानी है।
समझौते पर महाप्रबंधक (एसजेवीएन) एसके भार्गव और उप महाप्रबंधक (मैसर्स ऋत्विक प्राइवेट लिमिटेड) वी प्रवीण ने हस्ताक्षर किए। 382 मेगावाट सुन्नी बांध परियोजना सतलुज नदी पर हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला एवं मंडी में स्थित एक रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है। परियोजना 3.90 रुपये प्रति यूनिट के लेवेलाईज्ड टैरिफ पर प्रतिवर्ष 1382 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन करेगी। कार्बन उत्सर्जन में प्रतिवर्ष 1.1 मिलियन टन की कमी करेगी। कमीशनिंग के बाद यह परियोजना उत्पादित बिजली का 13 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश सरकार को निशुल्क देगी। इसमें स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का एक प्रतिशत सम्मिलित होगा। परियोजना के 40 वर्ष के जीवन चक्र के लिए, यह निशुल्क बिजली हिमाचल प्रदेश को 2,803 करोड़ रुपये के आय के रूप में परिवर्तित होगी।