प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था: सुखविंद्र सुक्खू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की औद्योगिक नगरी की लचर कानून व्यवस्था की पोल सोमवार सुबह नकाबपोश बदमाशों ने खोल कर रख दी।
बदमाश नालागढ़ के खरूणी गांव में न केवल लूटपाट के इरादे से सुबह तीन बजे स्कूल मालिक और प्रिंसिपल के घर मे घुसे बल्कि चाकुओं से गोदकर उनकी हत्या भी कर दी। मंगलवार को बद्दी में मजदूर का मर्डर कर दिया गया। औद्योगिक क्षेत्र में यह नई बात नहीं है।
भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद नालागढ़ और बद्दी में आमजन का जीना दूभर हो गया है। आपराधिक बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि बारिश में सरकार का आपदा प्रबंधन पूरी तरह धराशायी हो गया।
मुख्य सचिव खुद शिमला में खलीनी बाईपास पर जाम में फंसे रहे। उनकी मदद को भी घंटों तक कोई नहीं पहुंचा। इससे खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि आम जनता का क्या हाल हुआ होगा। भारी बारिश की चेतावनी पहले ही मौसम विभाग ने दे दी थी।
वाबजूद इसके सरकार ने कोई तैयारी नहीं की। बच्चों को स्कूल पहुंचने के बाद छुट्टी की गई, जबकि मूसलाधार बारिश को देखते हुए सुबह ही इसकी घोषणा कर सूचना को प्रचारित करना चाहिए था।
भारी बारिश से नुकसान, ज्यादातर सड़कें बंद : चौहान
प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता संजय सिंह चौहान ने भारी बारिश से हुए नुकसान और प्रदेश की ज्यादातर सड़कें बंद होने पर प्रदेश सरकार को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के दौरान अधिकांश सड़कें टूटी हैं।
प्रदेश के मुख्य मार्ग जो प्रदेश के मुख्य पर्यटक स्थलों को जोड़ते हैं, वे बंद हैं। कई पुल बह गए, सैकड़ों पेड़ गिर गए हैं। कई वाहनों का नुकसान हुआ है और कई लोगों की जान गई है।
कई जगह तो मरीजों की गाड़ियां भी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। प्रदेश की इस अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेवार है।चौहान ने कहा कि इस बारिश में प्रदेश सरकार के संचालित आपदा प्रबंधन के दावे खोखले सिद्ध हुए हैं।
सरकार और अधिकारी आपदा के मद्देनजर निरंतर रूप से कार्य नहीं करते है। इस कारण छोटी- मोटी कठिनाइयों के समय लोगों को बहुत नुकसान झेलना पड़ता है।