Himachal: सुक्खू सरकार ने शून्य दाखिलों वाले 285 प्राइमरी, मिडल स्कूल किए बंद
बजट सत्र के दौरान संस्थानों को बंद करने को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच सुक्खू सरकार ने शून्य दाखिलों वाले 285 प्राइमरी और मिडल स्कूल बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के बजट भाषण के बाद शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी किए।
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विधानसभा के बजट सत्र के दौरान संस्थानों को बंद करने को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच सुक्खू सरकार ने शून्य दाखिलों वाले 285 प्राइमरी और मिडल स्कूल बंद कर दिए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के बजट भाषण के बाद शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी किए। 228 प्राइमरी और 57 मिडल स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पंजीकृत नहीं था। इन स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को अब अन्य क्षेत्रों में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षा सचिव डॉ. अभिषेक जैन की ओर से स्कूलों को बंद करने की अधिसूचना जारी की गई। 14 मार्च से शुरू हुए विधानसभा के बजट सत्र के पहले तीन दिनों तक भाजपा विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर प्रदेश भर में संस्थानों को बंद करने के लिए फैसले का विरोध किया है।
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नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा भी करवाई। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के बजट भाषण के लिए सदन में आने से पहले भी भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में कुछ देर तालाबंदी के विरोध में नारेबाजी की। उधर, शुक्रवार शाम को सरकार ने 285 स्कूलों को बंद कर भाजपा विधायकों के विरोध को और हवा दे दी है। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार मिडल स्कूलों में हमीरपुर के दो, कांगड़ा-किन्नौर के चार-चार, कुल्लू का एक, लाहौल-स्पीति के तीन, मंडी के 12, शिमला के 29 और सोलन के दो स्कूल बंद किए हैं।