Sugrivanand Maharaj: सुग्रीवानंद महाराज प्रभु चरणों में विलीन, अंतिम दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु
डेरा बाबा रुद्रानंद के संस्थापक वेदांताचार्य 1008 स्वामी श्री श्री सुग्रीवानंद महाराज (96) रविवार तड़के चार बजे प्रभु चरणों में विलीन हो गए।
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उनका पार्थिव शरीर रविवार को चंडीगढ़ से मैहतपुर-ऊना होते हुए तीन बजे डेरा बाबा रुद्रानंद पहुंचाया गया। हजारों की संख्या में अनुयायियों ने गुरु महाराज जी की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा गुरु जी तेरा नाम रहेगा... के जयकारे लगाए। उनकी पार्थिव देह लक्ष्मी नारायण मंदिर के बड़े हॉल में रखी गई है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु अंतिम दर्शन करने के लिए खड़े रहे, आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनके परम शिष्य एवं उत्तराधिकारी हेमानंद जी ने विधि विधान के साथ अपने गुरुदेव को माथा टेका। उसके बाद श्रद्धालुओं ने भी अंतिम दर्शन किए। कई किलोमीटर तक उनके भक्तों की कतारें दर्शनों के लिए नजर आईं। महाराज श्री के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बनारस और हरिद्वार से आए अग्नि अखाड़े के संतों ने विधि-विधान से किया रात के समय भी दर्शन करने का क्रम निरंतर जारी रहा। श्रद्धालुओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा की।
आश्रम में भक्तों ने किए पार्थिव देह के आखिरी दर्शन
वेदांताचार्य सुग्रीवानंद की पार्थिव देह डेरा बाबा रुद्रानंद गांव नारी जिला ऊना के आश्रम में भक्तों के लिए आखिरी दर्शनों के लिए रखी गई। आस्था के प्रतीक, सनातन धर्म के प्रकाश पुंज और उत्तर भारत की शान रहे महाराज के परलोक सिधारने पर पूरे इलाके में दुख और शोक की लहर है। सभी दुखी मन से महाराज जी को विदाई देने डेरा आश्रम पहुंचे।
ऊना जिले के सभी व्यापारी आज बंद रखें दुकानें : सोमेश
हिमाचल व्यापार मंडल ने महाराज के प्रति शोक प्रकट करते हुए सोमवार को ऊना में अपनी दुकानें बंद कर उनके प्रति श्रद्धांजलि प्रकट की। प्रदेशाध्यक्ष सोमेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल की ओर से शोक प्रकट करते हुए उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजलि, एवं पुष्पांजलि अर्पित की।