सूरज की रोशनी में पानी से हाइड्रोजन निकालने में सफलता, ऐसे मिलेगा नए आविष्कार का लाभ
अब सूरज की रोशनी में पानी से वैकल्पिक इंधन हाइड्रोजन अलग किया जा सकेगा। धूप की मदद से पानी विभाजित कर हाइड्रोजन बनाने का अनूठा आविष्कार आईआईटी के शोधकर्ताओं ने किया है। विश्व में जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीजल और केरोसिन) का भंडार तेजी से कम हो रहा है और इनके उपयोग से पर्यावरण संकट भी बढ़ रहा है। अब वैकल्पिक व सुरक्षित ईंधन के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
इस दिशा में हाइड्रोजन गैस को संभावित वैकल्पिक ऊर्जा मजबूत वाहक के रूप में देखा जा रहा है। कारण साफ है हाइड्रोजन गैस ज्यादा ऊर्जा पैदा करने के साथ ही पर्यावरणीय अनुकूल भी है। आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं की मानें तो यदि यह प्रोजेक्ट रंग लाया तो इससे एक नई हाइड्रोजन आधारित अर्थव्यवस्था की शुरुआत हो सकेगी। हालांकि, लंबे समय से फोटो केमिकल से पानी के विभाजन में बतौर कैटलिस्ट प्लेटिनम का उपयोग किया जाता है। परंतु प्लेटिनम की महंगी कीमत को देखते हुए सूरज की रोशनी में पानी का विभाजन एक बड़ी सफलता है।
यह प्रोजेक्ट योगी वेमना विवि आंध्र प्रदेश के शोधकर्ताओं के सहयोग से शुरू किया गया था। आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वेंकट कृष्णन के नेतृत्व में डॉ. सुनील कुमार, अजय कुमार, आशीष कुमार, डॉ. एमवी शंकर और वीएनराव की टीम ने इस प्रोजेक्ट पर गहन अध्ययन व काम कर यह सफलता हासिल की है। इस शोध के उत्साहवर्द्धक परिणाम को हाल में अमेरिकन केमिकल सोसायटी (एसीएस) एप्लाइड एनर्जी मटीरियल्स जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
यह है नई खोज वाला मैटिरियल
शोधकर्ताओं ने एक नया मल्टी कंपोनेंट कैटलिस्ट का विकास किया है, जिसमें मॉलीब्डेनम सल्फाइड नैनोशीट कोटेड नाइट्रोजन डोप्ड जिंक ऑक्साइड नैनोरॉड हैं। नैनोमीटर स्केल (हमारे एक बाल की चौड़ाई से एक सौ हजार गुनी कम) मटीरियल के सरफेस एरिया से वॉल्यूम का अनुपात अधिक है, भौतिक गुण बेहतर हैं और ट्यून करने योग्य इलेक्ट्रानिक गुण हैं।
धूप से हाइड्रोजन ईंधन परिवर्तन में सक्षम: डॉ. वेंकट कृष्णन
डॉ. वेंकट कृष्णन के अनुसार सबसे सरल रसायनिक कंपाउंड पानी है, जो हाइड्रोजन के दो और ऑक्सीजन के एक अणु से बना है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि पानी हाइड्रोजन का अच्छा स्रोत है। हालांकि, पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग-अलग करना कठिन है और इसमें बहुत ऊर्जा लगती है। हालांकि, रोशनी की मदद से पानी को इसके घटक हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के अणुओं में बांटा जा सकता है। हमारे शोध कार्य से ऐसे फोटोकैटलिस्ट के रेशनल डिजाइन के लिए फेसाइल स्ट्रैटजी मिली है जो धूप से हाइड्रोजन ईंधन परिवर्तन में सक्षम और पुनर्चक्रण योग्य है।