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Kangra: सूबेदार मेजर संदीप अवस्थी पंचतत्व में विलीन, बेटी ने दी पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि
Thu, 05 Dec 2024 05:54 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुर (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिपुर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 05 Dec 2024 05:54 PM IST
सार
नायब सूबेदार संदीप अवस्थी की पार्थिव देह गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव हरिपुर पहुंची। जब उनकी देह घर पहुंची तो पत्नी और बेटी बेसुध हो गईं।
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सूबेदार मेजर संदीप अवस्थी पंचतत्व में विलीन, बेटी ने दी पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के हरिपुर निवासी बीएसएफ के नायब सूबेदार संदीप अवस्थी को गुरुवार को उनकी इकलौती बेटी सुधांशी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और सेना की ओर से भी श्रद्धांजलि दी गई।
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नायब सूबेदार संदीप अवस्थी की पार्थिव देह गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव हरिपुर पहुंची। जब उनकी देह घर पहुंची तो पत्नी और बेटी बेसुध हो गईं। घर के आंगन में देह को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने गमगीन होकर उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद नजदीकी मोक्ष धाम में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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संदीप अवस्थी के पार्थिव देह लेकर पहुंचे नायक सूबेदार परसराम और राइफलमैन रवि कुमार ने बताया कि देह को डिब्रूगढ़ से दिल्ली तक और दिल्ली से चंडीगढ़ तक हवाई मार्ग से लेकर आए। इसके बाद सड़क मार्ग से गुरुवार सुबह उनके घर पहुंचे। 16वीं गढ़वाल राइफल में एक जेसीओ और 10 गार्ड (ओआरएस) ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संदीप अवस्थी को अंतिम विदाई दी। नायब सूबेदार (क्लर्क) के पद पर तैनात संदीप अवस्थी (53) की तीन दिसंबर की रात हृदयाघात से तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
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बेटी बोली- रोज आता था पिता का फोन, लेकिन मंगलवार
संदीप अवस्थी असम राइफल्स की 24वीं बटालियन में सेवारत थे। वह 1992 में बतौर राइफलमैन भर्ती हुए थे। संदीप की पत्नी सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं तथा उनकी एक बेटी है। गुरुवार को नायक सूबेदार परसराम ने जब उनकी बेटी सुधांशी को तिरंगा सौंपा तो वह जोर-जोर से अपने पापा को पुकारने लगी, जिससे वहां पर मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू निकल आए। उनके अंतिम संस्कार के मौके पर देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर भी मौके पर मौजूद रहीं और उन्होंने बेटी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।बेटी सुधांशी शर्मा ने कहा कि पिता 10 से 15 दिन पहले डेढ़ महीने की छुट्टी काट कर गए थे और रोज उनका फोन आता था। लेकिन मंगलवार को जब फोन आया तो उन्होंने बात नहीं की, बल्कि सेना के अधिकारी ने बात की और उनके देहांत की सूचना दी।
संदीप अवस्थी असम राइफल्स की 24वीं बटालियन में सेवारत थे। वह 1992 में बतौर राइफलमैन भर्ती हुए थे। संदीप की पत्नी सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं तथा उनकी एक बेटी है। गुरुवार को नायक सूबेदार परसराम ने जब उनकी बेटी सुधांशी को तिरंगा सौंपा तो वह जोर-जोर से अपने पापा को पुकारने लगी, जिससे वहां पर मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू निकल आए। उनके अंतिम संस्कार के मौके पर देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर भी मौके पर मौजूद रहीं और उन्होंने बेटी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।बेटी सुधांशी शर्मा ने कहा कि पिता 10 से 15 दिन पहले डेढ़ महीने की छुट्टी काट कर गए थे और रोज उनका फोन आता था। लेकिन मंगलवार को जब फोन आया तो उन्होंने बात नहीं की, बल्कि सेना के अधिकारी ने बात की और उनके देहांत की सूचना दी।
मुख्यमंत्री ने शहादत पर शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 24 असम राइफल्स के नायब सूबेदार संदीप कुमार की शहादत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संदीप कुमार ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वह कांगड़ा जिले की देहरा तहसील के हरिपुर गांव के निवासी थे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 24 असम राइफल्स के नायब सूबेदार संदीप कुमार की शहादत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संदीप कुमार ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। वह कांगड़ा जिले की देहरा तहसील के हरिपुर गांव के निवासी थे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।