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नई शिक्षा नीति का अध्ययन करें, कार्यान्वयन को सुझाव दें: गोविंद

Sat, 17 Oct 2020 07:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Sat, 17 Oct 2020 07:05 PM IST
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Study new education policy, suggest implementation: Govind
शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर के साथ विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज - फोटो : अमर उजाला

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करने को केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति लाई है। इसमें शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और अन्य सभी पहलुओं के समावेश के साथ शिक्षक को सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। 21वीं सदी की शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों को तेजी से लागू करने के लिए सभी शिक्षक इस महत्वपूर्ण दस्तावेज का गहन अध्ययन करें और सुझाव दें।

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वह शनिवार को हमीरपुर कॉलेज में समाज शास्त्र पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमीनार एवं वेबिनार के उद्घाटन सत्र संबोधित कर रहे थे। सेमीनार सोशियोलॉजिकल सोसायटी हिमाचल प्रदेश एवं हमीरपुर कालेज के समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कराया गया। इसमें देश-विदेश के जाने-माने समाज शास्त्री, शिक्षक और रिसर्च स्कालर्स प्रत्यक्ष या वर्चुअल माध्यम से भाग ले रहे हैं।
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मंत्री ने कहा कि महान वैज्ञानिक डॉ. के  कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति ने व्यापक मंथन और लाखों शिक्षाविदों के सुझावों के बाद नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार किया है। प्रदेश सरकार ने इसे लागू करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। उप समितियां भी बनाई जा रही हैं। मंत्री ने सेमीनार की स्मारिका का विमोचन भी किया। 

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स्कूली पाठ्यक्रम में समाजशास्त्र का समावेश जरूरी: हंसराज

विशिष्ट अतिथि प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष हंसराज ने कहा कि समाज शास्त्र को सभी विषयों की जननी कहा जाता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण एवं समाज में उनका योगदान सुनिश्चित करने को स्कूली पाठ्यक्रम में समाज शास्त्र का समावेश किया जाना आवश्यक है।

कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल डिग्रियां हासिल करना नहीं होता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें समाज के साथ जोड़ना तथा उन्हें संस्कारित शिक्षा देना भी आवश्यक है। नई शिक्षा नीति में इन सभी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्राचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने शिक्षा मंत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। 

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