PICS: पढ़ाई के लिए जान जोखिम में, उफनती खड्ड पार कर रहे बच्चे
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बरसात में खड्ड उफान पर है और बच्चों को खड्ड पार करनी पड़ रही है। बच्चों को पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। जयसिंहपुर उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटलू के बच्चों को पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। स्कूल के रास्ते में खड्ड पड़ती है।
बरसात में खड्ड उफान पर है और बच्चों को खड्ड पार करनी पड़ रही है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पपलाह पंचायत के कुरू, केलन, बशूं, पंजलेहड़, भगलाल गांवों के दर्जनों बच्चे कोटलू स्कूल में पढ़ते हैं। बरसात की छुट्टियां खत्म होते ही सोमवार को स्कूल शुरू हुए। भारी बारिश होने के चलते खड्ड उफान पर थी। बस सुविधा भी नहीं है।
छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
अभिभावकों ने किराये की टैक्सी आदि कर बच्चे 15 किलोमीटर का सफर कर वाया शिवनगर, लाहट, रिट्ट होकर कोटलू स्कूल पहुंचाए। छुट्टी होने पर कोई साधन न होने के चलते बच्चों ने जान जोखिम में डाल उफनती खड्ड को पार किया। छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
लोगों की मांग के बावजूद सरकार ने खड्ड में पुल बनाने की कोई पहल नहीं की। रावमापा कोटलू के प्रिंसिपल जगरूप सिंह ने बताया कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे कुरू, केलन, बशूं, पंजलेहड़, भगलाल गांव के हैं। सोमवार को भारी बारिश के कारण खड्ड में पानी का बहाव तेज था। इससे बच्चों को लंबा सफर तय करना पड़ा।
15 किलोमीटर का सफर कर देरी से स्कूल पहुंचे बच्चे
जयसिंहपुर के विधायक यादविंद्र गोमा का कहना है कि गांववासियों की पुल की मांग जायज है। वह शीघ्र ही कोटलू को जोड़ने वाले पुल के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात करेंगे।
स्कूल में छमाही परीक्षा थी, इसलिए बच्चों का स्कूल पहुंचना जरूरी था। 15 किलोमीटर का सफर कर बच्चे देरी से स्कूल पहुंचे। कुछ बच्चे गरीब परिवारों से हैं, इसलिए गाड़ी बगैरह नहीं कर सकते। इसलिए सरकार से मांग की है कि यहां पर पुल बनाया जाए।