फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Students protested against the fee hike at the university.

Shimla News: फीस वृद्धि के खिलाफ विवि में विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन

Fri, 22 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Students protested against the fee hike at the university.
परीक्षा, छात्रावास और पुनर्मूल्यांकन शुल्क बढ़ाने का विरोध, कैग रिपोर्ट का मुद्दा भी उठाया
विज्ञापन

फीस बढ़ोतरी का फैसले वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शुक्रवार को फीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थियों का विरोध तेज हो गया। विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर हाल ही में बढ़ाए गए शुल्कों को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने किया।

छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा शुल्क, छात्रावास शुल्क, पुनर्मूल्यांकन शुल्क, मरम्मत शुल्क समेत कई मदों में भारी वृद्धि की है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर बोझ पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण और किसान-मजदूर परिवारों से आते हैं और ऐसी स्थिति में लगातार बढ़ती फीस उच्च शिक्षा को महंगा बना रही है। प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों का कहना था कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सस्ती और सुलभ शिक्षा उपलब्ध करवाना होना चाहिए, जबकि लगातार शुल्क वृद्धि से छात्रों की परेशानियां बढ़ रही हैं। शोधार्थियों और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले छात्रों ने भी बढ़े हुए छात्रावास और परीक्षा शुल्क पर नाराजगी जताई। इस दौरान एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई सचिव मुकेश कुमार और उपाध्यक्ष आशीष ने प्रशासन पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
विज्ञापन

छात्र नेताओं ने हालिया कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में करीब 186 शिक्षकों की नियुक्तियों और पदोन्नतियों में अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि फीस वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण फैसले छात्र संगठनों और विद्यार्थियों से बिना चर्चा के लागू किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बढ़ाए गए सभी शुल्क तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं तथा विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। प्रदर्शन के अंत में मुकेश कुमार और आशीष ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को विश्वविद्यालय स्तर से राज्यव्यापी स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article