स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ तो गुस्साई छात्राओं ने अपनाया ये हथकंडा
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की घोषणा के बावजूद जब स्कूल अपग्रेड नहीं हुआ तो गुस्साई छात्राओं ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वे स्कूल गेट के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं ने गेट पर ताला जड़ दिया और किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया। यह मामला हिमाचल के बिलासपुर जिले के राजकीय उच्च विद्यालय दबट का है।
शिक्षा उपनिदेशक अमर सिंह ठाकुर ने मौके पर जाकर छात्राओं को समझाया तो मामला शांत हुआ। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पिछले दिनों दबट स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी।
छात्राओं का आरोप है कि सीएम वीरभद्र ने नयनादेवी विस क्षेत्र के दबट स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड करने की घोषणा की थी तो इसे स्तरोन्नत क्यों नहीं किया गया? इस स्कूल में 118 छात्र पढ़ रहे हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए केवल पांच अध्यापक हैं। सीनियर सेकेंडरी स्कूल मजारी गांव में है।
गुस्साई लड़कियों ने हाई स्कूल दबट के गेट पर जड़ा ताला
इस स्कूल तक पहुंचने के लिए सुनसान रास्ते से होकर जाना पड़ता है। जो दूसरा रास्ता है, वह पंजाब राज्य से होकर जाता है। यह लगभग छह किलोमीटर लंबा है। उन्होंने कहा कि मजारी गांव पहले ही नशे और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ को लेकर चर्चित है। आए दिन यहां पर पुलिस की ओर से अवैध शराब की भट्टियों को नष्ट किया जाता है।
ऐसे में अभिभावक भी लड़कियों को वहां से स्कूल भेजना उचित नहीं समझते। इससे कई लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूट जाती है। वहीं, छात्राओं ने उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर अमर सिंह ठाकुर के आश्वासन पर भूख हड़ताल को खत्म कर दिया है। उनका इस मामले में कहना है कि स्कूल को अपग्रेड करने संबंधी कागजात निदेशालय भेज दिए हैं। जल्द प्रक्रिया पूरी की जाएगी।