बघेईगढ़ के बाद इस स्कूल के बच्चों ने शुरू की हड़ताल, कक्षाओं का बहिष्कार
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शिक्षकों की कमी पर बघेईगढ़ के बाद अब सलूणी के भिद्रोह हाई स्कूल के बच्चों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है। बुधवार से बच्चों ने हड़ताल शुरू कर दी। वीरवार को भी बच्चे स्कूल नहीं आए। नतीजतन, इकलौते शिक्षक को बिना कोई कक्षा लिए घर लौटना पड़ा।
रावमापा के प्रधानाचार्य निर्मल सिंह ने अभिभावकों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी बच्चों के साथ हड़ताल पर अड़े रहे। बच्चों ने शिक्षकों की जल्द तैनाती न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ताजदीन के साथ अभिभावकों में जोगिंद्र, भानू, रत्न, ललिता, निक्कू, शांति और घुन्नू ने बताया कि स्कूल में 61 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक वर्ष पूर्व सरकार ने स्कूल का दर्जा बढ़ाया था। उम्मीद जगी थी कि बच्चों को नजदीकी स्कूल में उच्च शिक्षा मिलेगी, लेकिन हालात बिल्कुल उलट हैं।
इन विषय के शिक्षकों के पद हैं खाली
स्कूल में पढ़ाई का जिम्मा केवल एक शिक्षक पर है। विभाग को कई बार स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई है। ज्ञापन देकर भी जब सुनवाई नहीं की गई तो मजबूरन बच्चों को कक्षाओं का बहिष्कार करना पड़ा है।
स्कूल में बीएससी नॉन मेडिकल, बीएससी मेडिकल, एलटी, शास्त्री, पीटीई, टीजीटी आर्ट्स और मुख्याध्यापक के पद खाली हैं। एसडीएम विजय धीमान का कहना है कि शिक्षा विभाग को छात्रों और अभिभावकों की मांग से अवगत करवा दिया गया है। स्कूल में जल्द अध्यापक तैनात करने की भी मांग की गई है।