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Shimla News: विवि की स्वायत्तता बहाली के लिए संघर्ष मंच गठित
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राजेश अध्यक्ष और नरेश कुमार महासचिव नियुक्त
28 सितंबर को एचपीयू में होगी कर्मचारियों की सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला अधिनियम 1970 में संशोधन के विरोध और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर गैर शिक्षक अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने 33 पदाधिकारियों का विश्वविद्यालय स्वायत्तता बचाओ संघर्ष मंच गठित किया है। मंच का अध्यक्ष राजेश ठाकुर और महासचिव नरेश कुमार शर्मा को बनाया है।
मंच की ओर से 28 सितंबर को सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय सभागार में शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों की सभा बुलाई है। इसके लिए विश्वविद्यालय के दोनों शिक्षक संगठनों को पत्र भेजकर शिक्षकों समेत शामिल होने का निमंत्रण दिया है। आम सभा में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी। मंच के अनुसार 15 सितंबर को गैर शिक्षक कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों, विश्वविद्यालय कोर्ट और कार्यकारी परिषद के सदस्यों, पूर्व कर्मचारी प्रतिनिधियों तथा सक्रिय अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक में मंच का गठन किया था। इसके बाद 25 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से लोक भवन में मुलाकात कर स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रति कुलपति को भी भेजी गई। मंच का कहना है कि संशोधन विधेयक से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय और नियुक्ति संबंधी मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है। आम सभा में शिक्षकों और गैर शिक्षकों के बीच सहमति बनने के बाद संयुक्त मंच के माध्यम से आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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28 सितंबर को एचपीयू में होगी कर्मचारियों की सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला अधिनियम 1970 में संशोधन के विरोध और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर गैर शिक्षक अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने 33 पदाधिकारियों का विश्वविद्यालय स्वायत्तता बचाओ संघर्ष मंच गठित किया है। मंच का अध्यक्ष राजेश ठाकुर और महासचिव नरेश कुमार शर्मा को बनाया है।
मंच की ओर से 28 सितंबर को सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय सभागार में शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों की सभा बुलाई है। इसके लिए विश्वविद्यालय के दोनों शिक्षक संगठनों को पत्र भेजकर शिक्षकों समेत शामिल होने का निमंत्रण दिया है। आम सभा में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी। मंच के अनुसार 15 सितंबर को गैर शिक्षक कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों, विश्वविद्यालय कोर्ट और कार्यकारी परिषद के सदस्यों, पूर्व कर्मचारी प्रतिनिधियों तथा सक्रिय अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक में मंच का गठन किया था। इसके बाद 25 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से लोक भवन में मुलाकात कर स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रति कुलपति को भी भेजी गई। मंच का कहना है कि संशोधन विधेयक से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक, शैक्षणिक, वित्तीय और नियुक्ति संबंधी मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है। आम सभा में शिक्षकों और गैर शिक्षकों के बीच सहमति बनने के बाद संयुक्त मंच के माध्यम से आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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