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Shimla News: बांग्लादेश के खिलाफ शहर में जोरदार प्रदर्शन, नारेबाजी
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सीटीओ चौक से शेरे पंजाब तक निकाली रैली, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बंद करने की मांग
मोहम्मद यूनुस से नोबेल पुरस्कार वापस लेने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बांग्लादेश में हिंदुओं एवं अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और नरसंहार के विरोध में सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया गया। लोगों ने इस दौरान बांग्लादेश सरकार होश में आए, मोहम्मद यूनुस से नोबल पुरस्कार वापस लें के नारे भी लगाए।
साढ़े तीन बजे प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन शुरू किया और सीटीओ चौक से शेरे पंजाब तक रैली निकाली। इस मौके डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स के प्रदेश संयोजक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर 5 अगस्त के बाद से लगातार अत्याचार हो रहे हैं। कई हिंदुओं की हत्याएं कर दी हैं, हमारी माताओं, बहनों के साथ दुराचार हुआ है, कई हिंदू मंदिर नष्ट कर दिए, हिंदू नेता तथा हिंदू पुजारियों को गिरफ्तार कर लिया है। कहा कि जिस बांग्लादेश को बनाने में पूरे भारत के हिंदू समाज ने और सरकार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था, आज उस पर अत्याचार हो रहे हैं।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बांग्लादेश में एक ऐसा जिहादी किस्म का मुख्य सलाहकार बन गया है, जो प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहा है। मोहम्मद यूनुस न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का मास्टर माइंड है बल्कि जिहाद को बढ़ावा देना, हिंदू और बौद्धों के सारे पूजा स्थल भी उनके नेतृत्व में नष्ट किए जा रहे हैं। बांग्लादेश में इस्कॉन के ऊपर अत्याचार हो रहा है, इन सबका मास्टर माइंड यही शख्स है। इस मुद्दे को लेकर हम पूरे दुनिया में आवाज उठा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि बांग्लादेश सरकार होश में आए, हिंदुओं के साथ अत्याचार बंद हो और नोबल पुरस्कार समिति जिसने 2006 में मोहम्मद यूनुस को शांति का नोबल पुरस्कार दिया है, उसे वापस लें। हिमाचल से और भारत से हम भी वहां पर ज्ञापन भेजेंगे कि इसका नोबल पुरस्कार वापस लिया जाए और हिंदुओं के मानवाधिकार बांग्लादेश में सुरक्षित किए जाएं। इस दौरान लोगों ने बांग्लादेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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मोहम्मद यूनुस से नोबेल पुरस्कार वापस लेने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बांग्लादेश में हिंदुओं एवं अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और नरसंहार के विरोध में सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया गया। लोगों ने इस दौरान बांग्लादेश सरकार होश में आए, मोहम्मद यूनुस से नोबल पुरस्कार वापस लें के नारे भी लगाए।
साढ़े तीन बजे प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन शुरू किया और सीटीओ चौक से शेरे पंजाब तक रैली निकाली। इस मौके डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स के प्रदेश संयोजक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर 5 अगस्त के बाद से लगातार अत्याचार हो रहे हैं। कई हिंदुओं की हत्याएं कर दी हैं, हमारी माताओं, बहनों के साथ दुराचार हुआ है, कई हिंदू मंदिर नष्ट कर दिए, हिंदू नेता तथा हिंदू पुजारियों को गिरफ्तार कर लिया है। कहा कि जिस बांग्लादेश को बनाने में पूरे भारत के हिंदू समाज ने और सरकार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था, आज उस पर अत्याचार हो रहे हैं।
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यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बांग्लादेश में एक ऐसा जिहादी किस्म का मुख्य सलाहकार बन गया है, जो प्रधानमंत्री की भूमिका निभा रहा है। मोहम्मद यूनुस न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का मास्टर माइंड है बल्कि जिहाद को बढ़ावा देना, हिंदू और बौद्धों के सारे पूजा स्थल भी उनके नेतृत्व में नष्ट किए जा रहे हैं। बांग्लादेश में इस्कॉन के ऊपर अत्याचार हो रहा है, इन सबका मास्टर माइंड यही शख्स है। इस मुद्दे को लेकर हम पूरे दुनिया में आवाज उठा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि बांग्लादेश सरकार होश में आए, हिंदुओं के साथ अत्याचार बंद हो और नोबल पुरस्कार समिति जिसने 2006 में मोहम्मद यूनुस को शांति का नोबल पुरस्कार दिया है, उसे वापस लें। हिमाचल से और भारत से हम भी वहां पर ज्ञापन भेजेंगे कि इसका नोबल पुरस्कार वापस लिया जाए और हिंदुओं के मानवाधिकार बांग्लादेश में सुरक्षित किए जाएं। इस दौरान लोगों ने बांग्लादेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।