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Shimla News: राजधानी में खोदाई के कार्यों पर सख्ती आपदा को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी

Wed, 01 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:59 PM IST
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Strict measures regarding excavation work in the capital; helpline number issued for disaster-related issues.
मानसून के दौरान होने वाली खोदाई पर अभियंता रखेंगे नजर
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नुकसान हुआ तो निर्माण करने वाला होगा जिम्मेदार

पहली बार शहर में आपदा प्रबंधन देखेगा नगर निगम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में मानसून सीजन के दौरान खोदाई के कार्यों पर सख्ती करने के आदेश जारी हो गए हैं। अवैज्ञानिक तरीके से की गई खोदाई के कारण यदि शहर में कोई नुकसान होता है तो उसके लिए निर्माण करने वाला व्यक्ति जिम्मेदार माना जाएगा।
नगर निगम ने सभी फील्ड अभियंताओं को अपने वार्डों में होने वाले निर्माण और खोदाई के कार्यों पर नजर रखने और उनकी रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी किए हैं। इस कड़ी में निगम ने शहर में तीन जगह गलत तरीके से की जा रही खोदाई के कामों को भी रुकवा दिया है। निगम प्रशासन के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून की रफ्तार को देखते हुए खोदाई के कामों पर पूर्ण पाबंदी लगाने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे। नगर निगम पहली बार शहर में आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। इसके लिए आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अध्यक्षता में शहरी आपदा प्रबंधन सैल बनाया जा रहा है। नगर निगम ने शहरवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। लोग नगर निगम के 1916 हेल्पलाइन नंबर पर आपदा या बरसात से होने वाले नुकसान की शिकायतें दे सकते हैं। यह शिकायतें सीधे आपदा सैल को भेजी जाएंगी। नुकसान की स्थिति में लोगों की मदद के लिए तुरंत टीमें मौके पर भेजी जाएंगी। इसके लिए निगम ने मशीनरी भी तैनात कर दी है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन को लेकर एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। इसमें सभी अधिकारियों को संबंधित इलाकों की रोजाना की रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
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नालों की सफाई के निर्देश जारी
नगर निगम ने शहर में नालों की सफाई के भी सभी महकमों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अवैध डंपिंग रोकने के लिए वन विभाग को निर्देश जारी किए हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि बरसात के दौरान नालों की निकासी ठीक रहे, इसके लिए निर्देश दिए हैं। पार्षदों को भी अपने-अपने वार्डों में नुकसान का जायजा लेने, जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद करने को कहा है।
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बरसात में पानी का नहीं रहेगा संकट
राजधानी में इस बार बरसात में लोगों को पानी की किल्लत नहीं सताएगी। पेयजल कंपनी का कहना है कि गिरि और गुम्मा में गाद आने पर सतलुज से आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। हालांकि, यदि सतलुज में भी गाद आती है तो फिर कुछ दिन संकट रह सकता है। आमतौर पर सतलुज में ज्यादा गाद नहीं रहती। ऐसे में यह परियोजना बरसात में भी शहर को पानी दे सकती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बरसात में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। सतलुज का पानी मिलने से इस बार राहत मिल सकती है। कंपनी के लिए भी यह पहला अनुभव रहेगा जिसमें देखा जाएगा कि बरसात का सतलुज योजना पर कितना असर पड़ता है।
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