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Shimla News: नियमों फेर में फंसे फेरीवाले, बिना अनुमति नहीं बेच सकेंगे सामान

Sun, 19 Jul 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:55 PM IST
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Street vendors caught in regulatory red tape; cannot sell goods without permission.
शहर से सटी पुजारली पंचायत ने ग्रामसभा में पारित किया प्रस्ताव, सामान बेचने के लिए कराना होगा पंजीकरण
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शुल्क जमा करवाना होगा, पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अब गांवों में बिना पहचान और अनुमति के सामान बेचना आसान नहीं होगा। पुजारली पंचायत ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।
ग्राम सभा में यह निर्णय लिया है कि पंचायत क्षेत्र में फेरी लगाकर सामान बेचने वाले बाहरी विक्रेताओं को पहले पंचायत में पंजीकरण करवाना होगा। इसके साथ ही उन्हें निर्धारित शुल्क भी जमा करवाना होगा। इसके अलावा पुलिस सत्यापन करवाना भी अनिवार्य होगा। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही फेरीवाले गांवों में सामान बेच सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसकी शिकायत मिलने पर उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा।
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ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार सभी फेरीवालों का पंचायत स्तर पर रिकॉर्ड तैयार करना अनिवार्य किया है। इसके लिए उनकी जानकारी पंचायत रजिस्टर में दर्ज की जाएगी ताकि गांवों में आने-जाने वाले बाहरी लोगों का रिकॉर्ड उपलब्ध रह सके। पंचायत का कहना है कि अभी तक कई फेरीवाले बिना किसी सूचना के लोगों के घरों के आंगन तक पहुंच जाते थे और सामान खरीदने का आग्रह करते थे। कई बार ऐसे लोग भी सामने आए हैं जो घरों की रेकी करने के उद्देश्य से आते हैं और बाद में चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इस कारण ग्राम सभा में फेरीवालों के सत्यापन के साथ उनसे शुल्क लेने का प्रावधान किया है।
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अब बिना अनुमति और शुल्क जमा किए कोई भी व्यक्ति गांवों में सामान नहीं बेच पाएगा। पंचायत का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां पंचायत को राजस्व प्राप्त होगा, वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। पुलिस सत्यापन अनिवार्य होने से संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी और ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी बाहरी फेरीवालों पर समान रूप से लागू होंगे।


शुल्क को लेकर जल्द होगा फैसला
पुजारली पंचायत के प्रधान ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि फेरीवालों से लिए जाने वाले शुल्क को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा। पंचायत को मिलने वाली राशि का उपयोग पंचायत के विकास कार्यों में किया जाएगा। हालांकि बताया जा रहा है कि यह शुल्क सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक निर्धारित किया जा सकता है। ग्राम सभा में निर्णय लिया गया है कि पंचायत क्षेत्र में फेरी लगाकर सामान बेचने वाले सभी बाहरी विक्रेताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी का रोजगार रोकना नहीं है, बल्कि व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फेरीवालों का रिकॉर्ड होना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी पहचान आसानी से की जा सके। इस व्यवस्था से गांव में रहने वाले लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और पंचायत में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित होगी।
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