Shimla: मुंबई में हिमाचल के प्रख्यात कथाकार एसआर हरनोट ने किया कहानी पाठ
प्रख्यात कथाकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता एसआर हरनोट का सोमवार को मुंबई विरुंगला केंद्र सभागार मीरा रोड में कहानी पाठ और चर्चा का आयोजन किया गया।
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मुंबई की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था स्वर संगम फाउंडेशन की ओर से प्रख्यात कथाकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता एसआर हरनोट का सोमवार को मुंबई विरुंगला केंद्र सभागार मीरा रोड में कहानी पाठ और चर्चा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ साहित्यकार धीरेंद्र अस्थाना, हरि मृदुल और कुसुम त्रिपाठी के सानिध्य में आयोजित हुआ, जिसमें मुंबई महानगर के अतिरिक्त बाहर से आए लेखक, पत्रकार और रंग कर्मी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन राकेश शर्मा, रमन मिश्र और हरि प्रसाद राय ने किया। हरनोट ने अपनी बहु चर्चित कहानी 'भागा देवी का चायघर' का पाठ किया जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध कथाकार धीरेंद्र अस्थाना ने कहा कि भागा देवी का चायघर हरनोट की बेहतरीन कहानी है।
हालांकि, कहानी एक पहाड़ पर चाय बेचने वाली स्त्री की है लेकिन इसमें स्त्री मन की बारीकियों को हरनोट ने सामयिकता के साथ बयान किया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों पर जिस तरह बाजार गया है उसने वहां के जनजीवन को तो प्रभावित किया ही है परंतु पर्यावरण भी नष्ट हुआ है। भागा देवी दबंगता से जो प्रतिरोध करती है वह पहाड़ की स्त्रियों की मुखर आवाज है। हरनोट की कहानियों में पहाड़ और गांव की ऊष्मा दीप-दीप करती रहती है और गांव की सोंधी सिंधी गंध भी महकती है। वह भाषा के साथ प्रयोग नहीं करते ना ही कोई चमत्कार करते हैं। वे सीधी-सादी भाषा में कहानी कहने में यकीन करते हैं। उनकी भाषा सधी हुई और लोकजीवन से रंगी हुई है।