{"_id":"7a187e699c54ca8232e0978b3b147e5e","slug":"story-of-105-year-old-raino-devi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"105 की उम्र में भी इनमें है गजब का जोश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
105 की उम्र में भी इनमें है गजब का जोश
अनिल भंडारी/अमर उजाला, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)
Updated Wed, 01 Oct 2014 12:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उम्र का शतक पूरा करने के बाद भी कोई बिना नजर के चश्मे के सुई में धागा पिरो ले तो हैरत तो होगी ही। नगरोटा बगवां के जंद्राह की 105 वर्षीय रैणी देवी ऐसा करती हैं। इतना ही नहीं रैणी देवी अपने दिनचर्या के कामों के अलावा खेतीबाड़ी और दूसरे काम कभी नहीं छोड़ती।
विज्ञापन
रैणी देवी का विवाह 15-16 वर्ष की आयु में हो गया था। इस समय उनकी सबसे बड़ी बेटी की आयु लगभग 88 वर्ष है। उनके चार बेटे तथा सात बेटियां हुईं। सबसे बड़े बेटे की आयु 78 वर्ष है। बचपन से ही मक्की, जंगली साग सब्जियां, दूध और घी खाती आई हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला से बातचीत में रैणी देवी बताती हैं कि विवाह के समय जब वह अपने ससुराल आई, उन्होंने सुई-धागे से हाथों से सिला शादी का जोड़ा पहना हुआ था लेकिन पैरों में चप्पल नहीं थी। रैणी देवी ने बताया कि सेहत में कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्हें कभी भी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
विज्ञापन
रैना देवी के बेटों शिव राम, लश्करी राम, केहर सिंह तथा मान चंद ने बताया कि बेटे बेटियों, पोते पोतियां और नाते नातियों का उनका परिवार 50 लोगों का है। उनकी माता के बड़े पोते की आयु 53 वर्ष हो चुकी है। उनकी माता इस आयु में भी अपने दिनचर्या के काम स्वयं करती हैं।