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Shimla News: दुकान का बिजली और पानी का कनेक्शन काटने पर रोक

Tue, 15 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:59 PM IST
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Stay on disconnection of electricity and water supply to the shop
वरिष्ठ सिविल जज प्रतिभा नेगी की अदालत का फैसला
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नगर निगम के नोटिस पर कोर्ट ने लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के मालरोड स्थित एक व्यावसायिक दुकान का बिजली और पानी का कनेक्शन काटने के नोटिस के मामले में अदालत ने अंतरिम राहत दे दी है। वरिष्ठ सिविल जज प्रतिभा नेगी की अदालत ने नगर निगम शिमला द्वारा जारी नोटिस पर अमल करने से संबंधित विभागों को मुख्य मुकदमे के अंतिम निपटारे तक रोक दिया है।

मालरोड स्थित दुकान की किरायेदार अरुणा शर्मा ने नगर निगम आयुक्त, मकान मालिक बृजभूषण बंसल, शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) और बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता के खिलाफ दीवानी दावा दायर किया हुआ है। नगर निगम ने 3 अगस्त 2019 को नोटिस जारी कर इस व्यावसायिक परिसर की नागरिक सुविधाएं बिजली और पानी काटने के आदेश दिए थे। निगम और भवन मालिक की ओर से दलील दी थी कि अंतर-विभागीय कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार भवन बेहद पुराना, जर्जर और मानव निवास के लिए असुरक्षित हो चुका है। इसलिए नागरिक सुविधाएं वापस लेने का कदम उठाया। वहीं भवन मालिक ने कब्जे के लिए अलग से दीवानी मुकदमा दायर होने की बात भी कही।
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आवेदक अरुणा शर्मा की ओर से अदालत को बताया कि भवन तकनीकी रूप से मजबूत है और किसी के लिए खतरनाक नहीं है। याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष तकनीकी विशेषज्ञ की रिपोर्ट पेश की जिसमें भवन की स्थिति को सुरक्षित और संतोषजनक बताया था। आरोप लगाया गया कि भवन को बिना कानूनी प्रक्रिया के खाली करवाने के मकसद से यह कार्रवाई की जा रही है।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि भवन की स्थिति को लेकर दोनों पक्षों की ओर से परस्पर विरोधी रिपोर्टें पेश की हैं। इससे इस स्तर पर आवेदक के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली और पानी अनिवार्य सुविधाएं हैं। यदि इस स्तर पर कनेक्शन काट दिए जाते हैं तो आवेदक को अपूरणीय क्षति होगी। अदालत ने सीपीसी के आदेश 39 नियम एक व दो के तहत आवेदन स्वीकार करते हुए नगर निगम के 3 अगस्त 2019 के नोटिस पर मुख्य मुकदमे के अंतिम निपटारे तक अमल करने पर रोक लगा दी है।
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