हमीरपुर में स्टेशनरी बिल घोटाले की जांच शुरू, कमेटी गठित
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शिक्षा विभाग हमीरपुर में स्टेशनरी बिल घोटाले की जांच शुरू हो गई है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना अधिकारी ने मामले की जांच को कमेटी गठित की है। यह कमेटी अध्यापक प्रशिक्षण सेमीनार के दौरान खरीदी सामग्री की जांच करेगी।
इसके बाद जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी को सौंपी जाएगी। जांच कमेटी के गठन के बाद कई अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। अमर उजाला ने 30 जनवरी के अंक में शिक्षा विभाग हमीरपुर में स्टेशनरी बिल घोटाला शीर्षक से इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
गठित कर मामले की तफ्तीश के आदेश दिए
खबर छपने के बाद विभाग ने जांच कमेटी गठित कर मामले की तफ्तीश के आदेश दिए हैं। कमेटी प्रशिक्षण लेने वाले जिले के सभी शिक्षकों और दुकानदार के बयान कलमबद्ध करेगी। साथ ही स्टेशनरी विक्रेताओं से भी पूछताछ होगी।
एक्साइज विभाग से जीएसटी को लेकर भी रिकॉर्ड की पड़ताल हो सकती है। विभाग की तरफ से सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत अक्तूबर और नवंबर में स्कूल अध्यापकों की खंड स्तर पर 5-5 दिन की ट्रेनिंग हुई थी।
इसमें भाग लेने वाले अध्यापकों को बॉलपेन और कांफ्रेंस पैड समेत अध्यापकों के भोजन की व्यवस्था पर करीब 9 लाख रुपये का बजट हमीरपुर को जारी हुआ था। बाद में पता चला कि 5 रुपये के पेन का 7 रुपये और 10 रुपये के कांफ्रेंस पैड का 13 रुपये बिल बनाकर सरकारी धनराशि का गबन हुआ।
मामले की शिकायत अध्यापकों ने जिला परियोजना अधिकारी के कार्यालय में की है। उधर, एसएसए एवं डाइट गौना करौर के प्रधानाचार्य राजेंद्रपाल ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद एक जांच कमेटी गठित कर दी है।