रिश्वत कांड: सीएम के निजी सचिव बोले- नहीं जानता कौन है तिलकराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नई दिल्ली स्थित कार्यालय के ओएसडी पीएस रघुवंशी ने घूस लेने के आरोपी संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा से कोई भी संबंध होने से इंकार किया है। कहा कि न तो कभी वे तिलकराज से मिले और न उन्हें जानते हैं।
तिलकराज ने जिस उद्योगपति से दस लाख की रिश्वत मांगी थी, उसे कहा था कि यह रकम रघुवंशी को दी जानी है। रघुवंशी के नाम का उल्लेख सीबीआई की प्राथमिक जांच में आने से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई ने तिलकराज शर्मा को मंगलवार को चंडीगढ़ में रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
रिकार्डिंग में रघुवंशी का आया है नाम
उसे जाल में फांसने के लिए फूलप्रूफ प्लान बनाया था। शिकायतकर्ता उद्योगपति को ट्रैप लगाने से पहले जांच एजेंसी ने तिलकराज और बिचौलिए अशोक राणा से मिलने के लिए भेजा। तीनों के बीच बातचीत की रिकार्डिंग में मुख्यमंत्री कार्यालय नई दिल्ली में तैनात रघुवंशी का नाम आया।
तिलकराज ने कहा कि यह रकम रघुवंशी को सौंपी जानी है। तिलकराज के इस बयान से मामला सीएम कार्यालय से जुड़ता दिख रहा है। इस संबंध में पीएस रघुवंशी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने एसएमएस से दिए जवाब में लिखा कि वे तिलकराज को नहीं जानते हैं और न ही उनका उससे कोई संबंध है।
प्रकरण का कार्यालय से कोई संबध नहीं- मुख्यमंत्री कार्यालय
मुख्यमंत्री कार्यालय ने तिलकराज रिश्वत कांड से कोई भी संबंध होने से मना किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी प्रेस बयान में बताया गया कि उद्योग विभाग के एक कर्मचारी की गिरफ्तारी संबंधी प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम अनावश्यक जोड़ा गया है।
सरकार के प्रवक्ता का नाम प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दिया है। प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि यह जानकारी पूरी तरह से बेबुनियाद दुर्भावनापूर्ण और सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। कहा कि कानून इस दिशा में कार्य कर रहा है। सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेगी।