पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ सीबीआई जांच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजिलेंस ब्यूरो ने धूमल और उसके परिवार की संपत्तियों पर सीबीआई जांच का सुझाव दिया है। विजिलेंस ने इस संबंध में खोली इन्कवायरी की फाइल सरकार को भेज दी है। ब्यूरो ने इस जांच के क्षेत्र को अपने लिए व्यापक बताते हुए इसे सीबीआई को भेजने को कहा है। विजिलेंस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेेशक पृथ्वी राज ने इसकी पुष्टि की है।
विजिलेंस ब्यूरो पिछले कुछ समय से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल, उनके पुत्रों सांसद अनुराग ठाकुर और अरुण धूमल की संपत्तियों के आमदनी से अधिक होने के आरोपों की शिकायत पर छानबीन कर रहा था। अधिवक्ता विनय शर्मा की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच शुरू की।
हिमाचल से बाहर लगभग जगह 31 प्रॉपर्टी
विजिलेंस सूत्रों के मुताबिक इस शिकायत में आरोप हैं कि धूमल परिवार की हिमाचल और इससे बाहर पंजाब, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू आदि में लगभग 31 संपत्तियां हैं। ये संपत्तियां प्रेम कुमार धूमल और दोनों बेटों के नाम से हैं। शिकायत में इनकी जांच की मांग की गई है। इस पर विजिलेंस ब्यूरो आय से अधिक संपत्ति के एंगल से जांच कर रहा था।
विजिलेंस ब्यूरो में यह जांच पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी के पास थी। जांच अधिकारी ने इस जांच को सीबीआई को भेजने की संस्तुति की है। अब विजिलेंस मुख्यालय ने इसे आगे सरकार को भेज दिया है और इसे सीबीआई को भेजने की सिफारिश की है।
चरित्र हनन की राजनीति कर रही कांग्रेस: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मेरे खिलाफ कांग्रेस के कुछ नेता और अधिकारी चरित्र हनन की राजनीति कर रहे हैं। इसी पर पहले अमरिंदर सिंह कोर्ट में माफी मांग चुके हैं। बीएस थिंड ने भी लोकायुक्त में शिकायत की थी, उसमें भी कुछ नहीं निकला।
मेरे खिलाफ अभियान छेड़े इन लोगों को बताना होगा कि मेरी और मेरे परिवार की यह प्रापर्टी कहां-कहां है? हवा में तरी चलाने से कुछ नहीं होगा। साक्ष्य के आधार पर आरोप लगाएं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब घटिया राजनीति करने पर उतर आई है।
एएन शर्मा मामले में भी जांच के दायरे में
गौर हो कि पूर्व हिमाचल सरकार धूमल पर एक और मुकदमा भी चलाने की तैयारी में है। भारतीय पुलिस सेवा (इंडियन पुलिस सर्विस) के पूर्व अधिकारी एएन शर्मा को सेवा विस्तार देने के मामले में सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री धूमल पर केस चलाने को राज्यपाल से मंजूरी मांगी है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो पिछले एक वर्ष से इस मामले की जांच कर रहा है। इस मामले में विजिलेंस ने तत्कालीन मुख्य सचिव रवि ढींगरा, तत्कालीन गृह सचिव डा. पीसी कपूर और एएन शर्मा के खिलाफ भी सरकार से अभियोजन मंजूरी मांगी है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इस पूरे मामले की पुष्टि भी की है।