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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   State's first robotic surgery today at Chamiyana Hospital Shimla

Shimla: चमियाना में पहली बार रोबोटिक सर्जरी शुरू, हिमाचल का पहला अस्पताल बना; हिमकेयर पर भी उपलब्ध होगी सुविधा

Mon, 11 Aug 2025 11:47 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 11 Aug 2025 11:47 AM IST
सार

राजधानी शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईएमएसएस) में प्रदेश की पहली रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई। 

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State's first robotic surgery today at Chamiyana Hospital Shimla
चमियाना अस्पताल में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किया प्रदेश की पहली रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी चमियाना में सोमवार को रोबोटिक सर्जरी का शुभारंभ हुआ। चमियाना यह सुविधा देने वाला हिमाचल का पहला अस्पताल बन गया। यह सुविधा हिमकेयर योजना के तहत भी उपलब्ध होगी। केस की जटिलता के आधार पर ऑपरेशन की अनुमानित लागत 50,000 से 1.25 लाख रुपये के बीच होगी। पहले दिन रोबोटिक सर्जरी तकनीक से दो ऑपरेशन किए गए और आठ घंटे के ऑपरेशन को महज चार घंटे में पूरा किया गया।

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सोमवार को एक मरीज का प्रोस्टेट कैंसर और दूसरे का किडनी ट्यूमर का उपचार किया गया। सर्जिकल टीम का नेतृत्व पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (यूरोलॉजी), डॉ. अनंत कुमार (एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ) ने किया। टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. पम्पोष रैना और सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कौंडल शामिल रहे। मरीजों को एक सप्ताह पहले भर्ती कर प्री ऑपरेटिव जांच और एनेस्थीसिया मूल्यांकन किया गया। पहली सर्जरी सुबह 9:30 बजे शुरू होकर 1:30 बजे तक चली, जबकि दूसरी सर्जरी 2:30 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे पूरी हुई।

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रोबोटिक सर्जरी में कम बहा खून
पारंपरिक खुले या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जटिल यूरोलॉजी मामलों में औसतन 1 यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। लेकिन चमियाना में पहले दिन की रोबोटिक प्रक्रियाओं में रक्तस्राव मात्र 4 मिलीलीटर के करीब रहा। इसका कारण रोबोटिक आर्म्स की सूक्ष्म-कटाई और 3डी कैमरा से स्पष्ट दृश्य है, जिससे रक्त वाहिकाओं की पहचान और तुरंत नियंत्रण संभव हुआ।

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6 महीनों में 400 सर्जरी का लक्ष्य
अटल संस्थान ने अगले छह महीनों में 400 रोबोटिक सर्जरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ऑपरेशन-शेड्यूल, विशेषज्ञ भर्ती और तकनीशियन प्रशिक्षण की योजना तैयार की जा रही है। हर मरीज का विस्तृत क्लीनिकल डाटा दर्ज किया जाएगा।

सीएम सुक्खू बोले- मेडिकल टेक्नोलॉजी पर 2030 तक खर्च होंगे 3,000 करोड़
इस माैके पर सीएम सुक्खू ने कहा कि पांच साल पहले मेरी भी रोबोटिक सर्जरी हुई थी। मेरे मन में एक सोच थी कि रोबोटिक सर्जरी हिमाचल के अस्पतालों में भी होनी चाहिए। आज उस सोच को धरातल पर लाने में सफल हुए हैं और और पहला ऑपरेशन हुआ है। इसका फायदा प्रदेश में आम लोगों को होगा। कहा कि एम्स के स्तर की मेडिकल टेक्नोलॉजी चमियाना, आईजीएमसी, टांडा, नेरचाैक व हमीरपुर मेडिकल काॅलेज में दी जाएंगी। 2030 तक 3,000 करोड़ रुपये मेडिकल टेक्नोलॉजी  पर खर्च किए जाएंगे। जायका से 1340 करोड़ का प्रोजेक्ट जल्द मंजूर होगा। जहां भी पुरानी एक्सरे मशीनें लगी हैं, उन्हें बदला जाएगा। आईजीएमसी में एमआरआई की मशीन बदली जाएगी। 

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