Himachal: सीएम सुक्खू बोले- हिमाचल में स्थापित होगा स्टेट ऑफ द आर्ट नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र
प्रदेश सरकार नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस नीति के प्रारूप प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस नीति के प्रारूप प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने व दीर्घावधि के लिए योजना बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रस्तावित नीति के प्रथम चरण में नशा मुक्ति के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तथा सलाहकार बोर्ड की मदद ली जाएगी। द्वितीय चरण में इनके पुनर्वास के लिए स्वास्थ्य, युवा सेवाएं एवं खेल, शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और बागवानी विभाग के समन्वय से कार्य किया जाएगा।
तृतीय चरण में समाज में इनके पुनः संयोजन के लिए शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सहकारी बैंकों एवं समितियों का सहयोग लिया जाएगा। चौथे चरण में निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जाएगा। नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र एक समग्र सोच के साथ गुरुकुल पद्धति पर आधारित होंगे। यहां नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए कार्य किया जाएगा। एक सादे जीवन एवं सामुदायिक सहयोग के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 4-5 सालों में प्रदेश में नशाखोरी के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में इसके लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (एनआईएमएचएएनएस) के सहयोग से एक स्टेट ऑफ द आर्ट नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 50 बीघा भूमि का चयन करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश भी दिए। बैठक में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी सुझाव दिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने प्रस्तावित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास नीति पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।