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सूचना आयोग ने माना, वरिष्ठता सूची अपडेट न होने से हेराफेरी का डर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Fri, 04 May 2018 01:48 PM IST
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प्रदेश सूचना आयोग ने आशंका जाहिर की है कि सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची अपडेट न किए जाने से इसमें हेराफेरी और पारदर्शिता का डर रहता है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान ने ये आशंका और चिंता आरटीआई की एक अपील पर अपना फैसला सुनाते हुए जाहिर की है।
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राजकीय दंत महाविद्यालय शिमला में वर्ष 2006 के बाद से वरिष्ठता सूची अपडेट न किए जाने और इससे संबंधित पूरी जानकारी न देने का मामला पहुंचा। इस पर टिप्पणी करते हुए आयोग ने आदेश जारी किए कि ओरथोडोंटिक्स काडर में आचार्य, सहायक आचार्य और प्रवक्ता पदों पर तैनात अधिकारियों की वरिष्ठता सूची को अपडेट किया जाए।
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इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं। आयोग ने कहा कि अपीलकर्ता इंद्रजीत वर्मा की ओर से चाही गई सूचना ये इंगित करती है कि पिछली बार वरिष्ठता सूची को वर्ष 2006 में अपडेट किया गया। अपीलकर्ता की ये आशंका जायज है कि इससे वरिष्ठता में हेरफेर करने का डर और पारदर्शिता की आशंका हमेशा बनी रहती है।
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आयोग ने कहा कि आरटीआई एक्ट 2005 को प्रत्येक पब्लिक अथॉरिटी की पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए लागू किया गया है। यह जनहित और सरकार की कुशल कार्यशैली को दर्शाएगा कि ओरथोडोंटिक्स काडर में आचार्य, सहायक आचार्य और प्रवक्ता पदों के लिए वरिष्ठता सूची को अपडेट किया जाए।