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Himachal: रामदासिया समुदाय को आरक्षण नहीं देने पर प्रदेश हाईकोर्ट का नोटिस

Tue, 18 Feb 2025 10:59 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 18 Feb 2025 10:59 AM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने रामदासिया समुदाय से संबंधित बाहरी राज्य से हिमाचल प्रदेश में शादी करने के बाद याचिकाकर्ता को आरक्षण का लाभ नहीं देने के मामले में आयोग को नोटिस जारी किया है। 

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State High Court issues notice to Ramdasiya community for not giving reservation
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रामदासिया समुदाय से संबंधित बाहरी राज्य से हिमाचल प्रदेश में शादी करने के बाद याचिकाकर्ता को आरक्षण का लाभ नहीं देने के मामले में आयोग को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने राज्य लोक सेवा आयोग को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दायर करने के आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी। सुप्रीम कोर्ट की लार्ज बेंच में इस तरह का मामला पहले से ही लंबित है। शीर्ष अदालत की अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता का जन्म पंजाब के रामदासिया समुदाय में हुआ है, जबकि शादी हिमाचल प्रदेश में हुई है।

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 प्रदेश में भी इस समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला हुआ है। याचिकाकर्ता को तहसीलदार की ओर से बोनाफाइड प्रमाणपत्र भी जारी किया है। आयोग की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र पंजाब से जारी किया गया है, जबकि हिमाचल में बाहरी राज्य से प्राप्त प्रमाणपत्र के आधार पर व्यक्तियों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। याचिकाकर्ता का कहना है कि हिमाचल में शादी होने के बाद वो हिमाचल की स्थायी निवासी बन गई है और हिमाचल सरकार की ओर से इस जाति को भी एससी का दर्जा मिला हुआ है।
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हिमाचल राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से जूनियर ऑडिटर के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 9 और 37 अन्य के लिए जारी की गई है। इसके लिए आयोग की ओर से 14 फरवरी को दस्तावेज सत्यापन किए गए, जिसमें पाया गया कि याचिकाकर्ता की पैदाइश पंजाब की है, जिसकी वजह से उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता। याचिकाकर्ता ने इसी सवाल को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 

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