विवाद के चलते एक शिक्षक को नहीं मिलेगा स्टेट अवार्ड
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जिला शिमला के कहारण (ननखड़ी) स्कूल के सीएचटी लाल चंद मेहता को बुधवार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार नहीं मिलेगा। मेहता के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद हुए विवाद के चलते सरकार ने मंगलवार को सूची से उनका नाम हटा दिया है।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जिला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं। जिला उपनिदेशक ने ही मेहता का नाम राज्य स्तरीय चयन कमेटी को भेजा था।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक पुरस्कार की पुरानी नीति को बदला जाएगा। अभी तक पुरस्कार के लिए शिक्षकों से आवेदन लिए जाते थे। भविष्य में विभाग स्वयं शिक्षकों का चयन करने पर विचार करेेगा।
तथ्य छिपाने पर संबंधित शिक्षक सहित उपनिदेशक के खिलाफ शिक्षा सचिव को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बुधवार को एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज 18 शिक्षकों को स्टेट अवार्ड से सम्मानित करेंगे।
इन्हें आज मिलेगा स्टेट अवार्ड
केवल राम चौहान, केवल राम कांता, नरेंद्र सिंह नेगी, जय प्रकाश, नरदेव सिंह, पवन बाला, जोगिंद्र शांडिल, कुशमा कुमारी, संदीप कुमार, रमेश चंद, कर्म चंद, लाल चंद, निशा कुमारी, आशा रानी और अंकिता वालिया को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा।
इनके अलावा साल 2017 में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले तीन शिक्षकों मीना चंदेल, जनमेजय गुलेरिया और संजय देष्टा को राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलेंगे। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए इस बार कांगड़ा जिले के जेबीटी सुनील कुमार का चयन हुआ है। सुनील कुमार को उपराष्ट्रपति दिल्ली में पुरस्कृत करेंगे।