कारोबारियों को राहत, वैट असेसमेंट आनलाइन
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हिमाचल प्रदेश के 25 हजार से अधिक छोटे और मध्य कारोबारियों के लिए अच्छी सूचना है। रिटर्न भरने के बाद वैट का असेसमेंट कराने के लिए व्यापारियों को किसी भी दफ्तर में चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वेबसाइट के माध्यम से ही उनकी पूरी सूचना अपडेट कर दी जाएगी। कैबिनेट मीटिंग में इसकी मंजूरी दी गई है। सरकार के इस कदम से प्रदेश में वैट रिटर्न की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी।
राज्य के छोटे और मध्य श्रेणी के कारोबारियों को वैट रिटर्न भरने के बाद भी असेसमेंट कराने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती थी। इससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ता था। उस प्रक्रिया को सरकार ने बेहद सरल बना दिया है।
किसी भी कारोबारी को वैट रिटर्न भरने के बाद उन्हें सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नियमित रिटर्न भरने वाले कारोबारियों के वैट का असेसमेंट डीम्ड कर दिया जाएगा।
इसकी सूचना वेबसाइट के पर दे दी जाएगी। हालांकि यह व्यवस्था केवल उन कारोबारियों पर लागू होगी, जो नियमित रिटर्न भरते हैं। नियमित वैट रिटर्न न भरने वालों को पुरानी प्रक्रिया से ही गुजरना होगा। सरकार के इस कदम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
तंबाकू पर वैट चोरी करने वालों पर शिकंजा
तंबाकू उत्पाद पर लगने वाले वैट पर चोरी करने वालों पर भी सरकार ने शिकंजा कस दिया है। हिमाचल प्रदेश में उत्पादित होने वाले तंबाकू को हरियाणा या किसी दूसरे राज्य में बेचने की स्थिति में इनपुट टैक्स क्रेडिट (अतिरिक्त वैट की रकम) वापस नहीं मिलेगी।
यह व्यवस्था केवल प्रदेश स्तर पर ही लागू होगी। कैबिनेट ने इसे मंजूर कर दिया है। इससे बड़े पैमाने पर वैट के तहत चोरी करने वालों को झटका लगेगा।
आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि इस कदम से वैट के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर अंकुश लगेगा। जिन राज्यों में वैट कम है, उन राज्यों में तंबाकू उत्पाद बेचकर कारोबारी उसका लाभ उठा रहे थे।