फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   SSI burns effigy of Controller of Examinations in university campus

Shimla News: विवि परिसर में एसएसआई ने फूंका परीक्षा नियंत्रक पुतला

Mon, 13 Oct 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
SSI burns effigy of Controller of Examinations in university campus
एचपीयू में परीक्षाओं में धांधली के विरोध में किया प्रदर्शन, महंगी परीक्षा प्रणाली थोपने का लगाया आरोप
विज्ञापन


उत्तर पुस्तिका जांच का खर्चा 30 से बढ़कर हुआ 80 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और वित्तीय शोषण के विरोध में सोमवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा नियंत्रक का पुतला दहन कर पैसों की माला पहनाई गई और छात्रों से चंदा एकत्र किया गया।
एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षाओं को केवल आर्थिक लाभ कमाने का माध्यम बना दिया है और इससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। एसएफआई के परिसर सचिव मुकेश ने कहा कि ऑनलाइन ईआरपी प्रणाली को लागू कर विश्वविद्यालय ने दावा किया था कि इससे परिणाम जल्दी घोषित होंगे और प्रक्रिया पारदर्शी होगी। लेकिन इस ऑनलाइन सिस्टम के कारण रिजल्ट आने में लगातार देरी हो रही है और खर्च पहले की तुलना में दोगुना हो गया है। उन्होंने बताया कि पहले एक उत्तर पुस्तिका की जांच में 25 से 30 रुपये खर्च आते थे जबकि अब यह 80 रुपये तक हो गया है। मुकेश ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय इस प्रणाली का इस्तेमाल केवल मुनाफा कमाने के लिए कर रहा है।
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों कुरुक्षेत्र और रोहतक में यह प्रणाली महंगी और असुरक्षित होने के कारण छह महीने में ही बंद कर दी थी लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसे लंबे समय से चलाकर छात्रों से पैसा वसूल रहा है। मुकेश ने बताया कि ऑनलाइन प्रणाली में कई गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं। ऊना कॉलेज में एक छात्र की एक विषय की दो उत्तर पुस्तिकाएं निकल आईं जबकि 12 जून को घोषित परिणाम में एक छात्र पास था लेकिन बाद में उसकी एक विषय में अनुपस्थिति दिखाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय जानबूझकर छात्रों को चार-पांच अंकों से फेल कर रहा है ताकि वह दोबारा निरीक्षण के लिए आवेदन करें और फीस दें। उन्होंने कहा कि पुनः निरीक्षण के बाद लगभग 90 प्रतिशत छात्र पास हो जाते हैं, जो यह दिखाता है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं हैं। एसएफआई ने गैर शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती में देरी और छात्रों से 4.50 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए। मुकेश ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो एसएफआई भविष्य में छात्रों को लामबंद कर बड़े आंदोलन और हड़ताल करेगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन पर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article