एसआरएल लैब में टेस्ट के नाम पर मरीजों से लूट, प्रशासन खामोश
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प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में मरीजों की सुविधा के लिए खोली एसआर लैब में मरीजों से टेस्टों के तीन गुना तक दाम वसूले जा रहे हैं। 70 रुपये के टेस्ट के लैब में 250 रुपये वसूले जा रहे हैं।
आईजीएमसी से अधिक टेस्ट करने के नाम पर मरीजों से तीन गुणा अधिक फीस वसूली जा रही है। लैब खोलते समय सरकार ने सरकारी रेट से अधिक फीस न वसूलने की शर्त लगाई थी। आईजीएमसी अस्पताल में एलएफटी टेस्ट की फीस 70 रुपये तय है।
इसी टेस्ट को एसआरएल लैब में 250 रुपये में किया जा रहा है। लैब प्रबंधन का दावा है कि हम इस टेस्ट में अस्पताल से अधिक टेस्ट कर रहे हैं।
टेस्ट बढ़ाकर मरीजों से लूट
उधर, अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि आईजीएमसी में एलएफटी के तहत पांच टेस्ट किए जाते हैं। यह पांच टेस्ट जांच करने के लिए काफी है। एसआरएल लैब में इसी टेस्ट के छह से सात टेस्ट किए जा रहे हैं। दो टेस्ट बेवजह बढ़ा दिए हैं।
इन दो टेस्ट के बहाने ही लैब ने फीस 250 रुपये कर दी है। बताया जा रहा है कि बीते सप्ताह तक एसआरएल लैब में एलएफटी के तहत सिर्फ चार टेस्ट 70 रुपये में किए जाते थे। पांचवें टेस्ट की फीस जोड़कर कुल 85 रुपये मरीजों से लिए गए। अब दो और टेस्ट जोड़कर फीस को तीन गुणा तक बढ़ा दिया है।
आईजीएमसी कर्मचारी यूनियन के महामंत्री हरिंद्र मेहता ने कहा कि एसआरएल लैब में कई टेस्टों की फीस मनमाने तरीके से वसूली जा रही है। डिप्टी एमएस डा. राहुल राव को मामले की शिकायत दी गई।
बिना पंजीकरण लैब में चल रहा काम
हरिंद्र मेहता ने कहा कि यूनियन ने लैब तकनीशियन के पंजीकरण का मामला प्रशासन के समक्ष उठाया था। लेकिन इस मामले पर अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
प्रशासन ने इस मामले पर चुप्पी साधी है। बिना पैरा मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण किए राज्य के अंदर लैब में काम करना एक संगीन अपराध है। इसकी जांच करें। नजर रखने के लिए अधिकारी तैनात नहीं किया है।
आईजीएमसी की एसआरएल लैब में रोजाना टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। लैब में केवल दो काउंटर हैं। लैब में दोपहर बारह बजे से अगले दिन नौ बजे तक और अस्पताल में सुबह नौ बजे से बारह बजे तक टेस्ट होते हैं।
आईजीएमसी में स्थानीय लोगों सहित प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से लोग इलाज कराने आते हैं। सैकड़ों की तादाद में आने वाले मरीजों को लंबी कतारों में धक्के खाने पड़ते हैं।
एसआरएल की आईजीएमसी लैब हेड डा. शैलजा का कहना कि लैब में एलएफटी के दो पैनल में टेस्ट हो रहे हैं। पहले पैनल के 70 रुपये ही लिए जा रहे हैं। दूसरे पैनल के 250 रुपये लेते हैं। दूसरा पैनल विस्तृत जांच करता है। आईजीएमसी दूसरे पैनल के टेस्ट नहीं करता है। लैब को पहले पता नहीं था कि अस्पताल में पांच टेस्ट होते हैं, इसके चलते लैब चार टेस्ट करती थी, पता लगते ही 5 टेस्ट शुरू किए हैं।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश का कहना कि एसआरएल लैब को वही टेस्ट करने को कहा है जो आईजीएमसी में होते हैं। एलएफटी के 70 रुपये से अधिक नहीं वसूले जा सकते।