विश्व पर्यावरण दिवस: कल्पना ने देवदार के पेड़ को ही बना लिया भाई
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हिमाचल की नन्ही पर्यावरण प्रेमी को सलाम। जनजातीय घाटी की कल्पना ठाकुर का पेड़ों के प्रति बचपन से ही ऐसा लगाव था कि मात्र तीन साल की उम्र में उसने देवदार पेड़ को ही अपना भाई बना लिया है। वह इस पेड़ को हर साल राखी बांधती हैं। 11 साल की
कल्पना अब तक कोउश और बिलो प्रजाति के 60 पेड़ लगा चुकी हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर भी पौधा रोपेंगी। लाहौल-स्पीति के मूलिंग गांव की इस नन्ही पर्यावरण प्रेमी को कई अवार्ड मिल चुके हैं। कल्पना मनाली के शशांक मॉडल स्कूल गोजरा में छठी कक्षा में पढ़ती हैं।
जहां सूखा पेड़ दिखे, नया पौधा रोप देती है
वह जहां भी सूखा पेड़ देखती हैं, वहां नया पौधा रोप देती हैं। कल्पना के पर्यावरण के प्रति स्नेह देखकर सहेलियां भी आज उनके साथ कदम बढ़ा रही हैं। तीन वर्ष की उम्र में कल्पना ने मनाली के अलेऊ में अपने दूसरे घर के सामने देवदार का पौधा रोपा और अपना भाई
न होने पर पेड़ को अपना भाई बना लिया। वह पेड़ की नियमित देखभाल करती हैं। वह पेड़ को देखे बिना नहीं रह सकती है। कल्पना के पिता किशन लाल ने बताया कि कल्पना को कहीं सूखा पेड़ नजर आए तो वह उस जगह पर दूसरा पौधा लगाने की जिद्द करती हैं।
कौन-कौन से अवार्ड मिले
रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर एक और देवदार का पौधा रोपेंगी। उपायुक्त लाहौल-स्पीति विवेक भाटिया, एसडीएम केलांग सुरजीत सिंह राठौर, एसडीएम उदयपुर डॉ. अमित गुलेरिया ने पर्यावरण के प्रति स्नेह और अन्य बच्चों के लिए भी मार्गदर्शक के रूप में मिसाल बनी कल्पना ठाकुर को शुभकामनाएं दी हैं।
- देहरादून में ट्री ऑफ लाइफ अवार्ड मिला
- हिमालयन एवं वन्य प्राणी सुरक्षा समिति ने वृक्ष मित्र अवार्ड दिया
- जिला और स्कूल स्तर पर भी कई प्रोत्साहन अवार्ड मिले