परंपरा! होली पर मायके से जाती है बहन-बेटियों के लिए रोटी
- मंडी के सुकेत में अनोखी परंपरा, बहन-बेटियों के घर जाना जरूरी
- परिवार के सदस्य टोलियों में जाते हैं रिश्तेदारों के साथ होली खेलने
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हिमाचल प्रदेश में होली की अनोखी परंपराएं हैं। मंडी जिले के सुकेत इलाके में होली पर बहन-बेटियों को रोटी मायके से भेजी जाती है। बहन-बेटियों को होली के दिन मायके के बांटा (रोटी) का खास इंतजार रहता है। मायका पक्ष से होली पर बहन-बेटी के घर किसी एक जाना जरूरी होता है। टोलियों में लोग रिश्तेदारों और आस पड़ोस में होली मनाते हैं।
बहन-बेटियों के घर जो रोटी भेजी जाती है, उसे बांटा कहते हैं। बांटे में देशी घी से बनी नमकीन और मीठी रोटियां होती हैं। यहां के लोगों का मानना है कि मायके की जमीन में उगी फसल का शेयर इस बांटे के रूप में बेटियों को प्रतीक के रूप में दिया जाता है।
होली पर मिटते हैं सारे गिले-शिकवे
सुकेत क्षेत्र की शाकरा पंचायत के उपप्रधान ललित कुमार और 85 वर्षीय इंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र में बहन पिता की संपत्ति का अपना हिस्सा अभी भी भाई को ही देती है। ऐसे में वर्षों से चल रही यह परंपरा अभी बरकरार है। बहन-बेटियों को ‘बांटा’ पहुंचाने के चलते होली पर क्षेत्र के हर घर में कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं।
सुकेत क्षेत्र में पुराने गिले-शिकवे भी होली पर मिट जाते हैं। यदि आस पड़ोस में पहले किसी से झगड़ा या मन मुटाव हुआ हो तो होली के दिन एक-दूसरे पर रंग डाल कर सुलह कर ली जाती है। टोलियों में लोग दोनों पक्षों को एक-दूसरे को रंग लगाने के लिए कहते हैं। रंग लगाकर दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के गले लगकर गिले-शिकवे मिटाते हैं।