पर्यटन को पंख, बागवानों को विकल्प देंगे नए नेशनल हाईवे
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देवभूमि को मिले 45 नए नेशनल हाईवे सूबे की सूरत बदल देंगे। इससे न केवल हिमाचल में पर्यटन को और पंख लगेंगे बल्कि किसानों और बागवानों को अपनी फसलों को देश की अलग-अलग मंडियों तक पहुंचाने के आसान विकल्प मिलेंगे। आम पब्लिक का सफर भी नए एनएच बनने से सहज होगा। किस एनएच से किसे क्या फायदा होगा पेश है एक रिपोर्ट..
सोलन जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
1 नालागढ़-दभोटा-बरुणा-बघेरी-खेतरी वाल-मौरा 35 किमी एनएच
इससे न केवल रास्ते स्पॉट होंगे। बल्कि पंजाब और हरियाणा से जुडे बार्डर तक सड़क बेहतर होंगी।
2 कंडाघाट-साधुपुल-चायल-कुफरी 57 किमी एनएच
इससे न केवल पर्यटन कारोबार बल्कि सामरिक महत्व की दृष्टि से भी यह सड़क काफी फायदेमंद होगी। इससे चायल और कुफरी की दूरी भी कम होगी।
3 सोलन-दयोठी-सुबाथू-कुनिहार वाया डुमैहर-पिपलुघाट धुंधन-भराड़ीघाट 80 किमी एनएच
इसके बनने से सोलन की दूरी कम होगी। बल्कि भराड़ीघाट से सोलन दो घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा।
4 सनौरा-यशवंतनगर-गौड़ा-डुबलू-जनेड़घाट-चालंदा-जुनगा-मैहली 80 किमी एनएच
इससे सिरमौर और सोलन को राजधानी शिमला से जोड़ने वाला बेहतर विकल्प होगा। सेब सीजन के दौरान मैहली से वाहन सीधे इस मार्ग से लाकर एनएच 22 के साथ कुमारहट्टी जुड़ सकेंगे।
सिरमौर जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
1 नेरीपुल-सनौरा-राजगढ़-बनेठी
किसानों की फसलें टाइम से मंडियों तक पहुंचेगी। इस क्षेत्र में भारी मात्रा में नकदी फसलें उगाई जाती हैं। अदरक, फ्रांसबीन व टमाटर के अलावा पीच वैली राजगढ़ में सेब, आडू, पलम, नाशपाती की पैदावार भारी मात्रा में होती है। एनएच बनने से किसान व बागवान अपनी नकदी को सोलन के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ व अंबाला आदि मंडियों में आसानी से ले जा पाएंगे।
2 छैला-सैंज-औच्छघाट-सराहां-लवासाचौकी-कौलावालाभुड़-नारायणगढ़
इस एनएच के बनने से पच्छाद व नाहन क्षेत्र के सैंकड़ों गांवों को इसका लाभ होगा।
दिल्ली जाने के लिए यह मार्ग दूसरे मार्गों की अपेक्षा 20 किलोमीटर कम पड़ेगा। अभी दिल्ली जाने के लिए नाहन से चंडीगढ़ और वाया अंबाला होते हुए जाना पड़ता है। वहीं किसानों के लिए भी इस मार्ग काफी फायदेमंद साबित होगा। सब्जियां आसानी से दिल्ली की मंडियों तक पहुंचेगी।
3 हरिपुरधार-संगड़ाह-रेणुका
इस सड़क पर प्रसिद्घ धार्मिक नगरी श्रीरेणुकाजी, हरिपुरधार व चूड़धार स्थित है। रेणुका विधानसभा क्षेत्र में आने वाले इस मार्ग पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। सड़कें काफी उबड़ व खस्ताहाल हैं। ब्लैक स्पोट भी लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। एनएच बनने से प्रसिद्घ धार्मिक नगरी का सफर बेहद आसान हो जाएगा। वहीं हरिपुरधार जैसे उंचाई वाले क्षेत्र में पर्यटन को भी पंख लगने की प्रबल उम्मीदें हैं।
4 हरिपुरधार-कुपवी-तराहन-सराहन-चौपाल
जिला सिरमौर का यह सबसे दुर्गम क्षेत्र है। वर्तमान में सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। यह एनएच सराहन स्थित बिजट महाराज व चूड़धार पहुंचने के लिए श्रद्घालुओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वहीं किसानों व बागवानों के लिए भी लाभप्रद होगा।
5 सनौरा-यशवंतनगर-गौड़ा-डुबलू-जुन्गा-मेहली
यह मार्ग सिरमौर की सीमा पर है। सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र की सीमा को छूते हुए यह मार्ग सोलन जिला के लोगों के लिए फायदेमंद होगा। राजगढ़ क्षेत्र के लोग भी सोलन की मंडियों में आसानी से अपनी नकदी फसलों को पहुंचा पाएंगे।
6 सनौरा-राजगढ़-नौहराधार-हरिपुरधार-रोनहाट-जामली
यह मार्ग गिरिपार क्षेत्र के विभिन्न तीर्थ स्थलों व पर्यटन नगरी को जोड़ेगा। राजगढ़ से शिलाई का सफर वाया नौहराधार व हरिपुरधार होते हुए बेहद ही सरल हो जाएगा। किसानों व बागवानों के लिए यह मार्ग बेहद फायदेमंद साबित होगा।
7 सतौन-रेणुका-ददाहू-जमटा-दो सड़का मार्ग
यह मार्ग सीधे तौर पर धार्मिक नगरी रेणुका को जोड़ता है। दोसड़का से होते हुए यह मार्ग जमटा, नेहलीधीड़ा, मलगांव व खादरी होते हुए ददाहू व रेणुका पहुंचेगा। वहीं रेणुका को जोडने के बाद यह मार्ग शिलाई विधानसभा क्षेत्र के सतौन को भी जोड़ेगा।
शिमला जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
1 पटसारी-मंढोल-टाहु-कोटखाई सड़क
जुब्बल तहसील के कोटखाई की आधा दर्जन पंचायतें होंगीं लाभान्वित
2 रोहड़ू-चिड़गांव-डोडरा क्वार
छौहारा की एक दर्जन से अधिक पंचायतें, दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार की पांच पंचायतें, रोहड़ू की कई पंचायतें लाभान्वित होंगी
चंबा जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चंबा जिला के लिए दूसरे राष्ट्रीय राजमार्ग की घोषणा की है। इस राजमार्ग को द्रमण-सिहुंता-चुवाड़ी-जोत-चंबा-तीसा-पांगी को पूरा किया जाएगा। इस समय इस पूरे मार्ग की दूरी 285 किलोमीटर है। लेकिन हाइवे बनने के बाद यह दूरी कम हो जाएगी।
चंबा से द्रमण की दूरी वाया सिहुंता इस समय 105 किलोमीटर है। इस दूरी को पूरा करने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। जबकि हाइवे बनने के बाद चंबा से सिहुंता महज ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकेगा। जबकि पांगी पहुंचने के लिए निजी वाहन में 12 घंटे लगते हैं हाइवे से यह दूरी सात से नौ घंटे तक सिमट सकती है।
घाटी में सबसे ज्यादा मरीजों को टांडा रेफर किया जाता है और उन्हें टांडा पहुंचाने में डेढ़ से दो दिन लग जाते हैं। हाइवे बनने के बाद 15 से 18 घंटे के बीच पांगी में मुसीबत में घिरे किसी भी व्यक्ति को टांडा तक पहुंचाया जा सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधीक्षण अभियंता सतीश नाग का कहना है कि फिलहाल बेहद शुरूआती बात है। आकलन होगा, ड्राइंग बनेगी उसके बाद ही मार्ग के संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
कांगड़ा जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
1 रानीताल से मसरूर-लंज
रॉक टेंपल जाने वालों को लाभ मिलेगा। पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा
2 ज्वालामुखी-देहरा-जवाली-राजा का तालाब
पठानकोट पहुंचने में सुविधा। पर्यटकों को पठानकोट से सीधा कांगड़ा नहीं आना पड़ेगा। पंजाब के श्रद्धालु और पर्यटक कम समय में ज्वालामुखी पहुंच सकेंगे
3 ढलियारा-डाडासिबा-संसारपुर टैरस
वाहन चालकों को राहत मिलेगी। पहले मार्ग लिंक मार्ग श्रेणी में थे। ऐसे में संसारपुर टैरस से ढलियारा पहुंचने में परेशानी होती थी
4 भरवाई-चिंतपूर्णी-जोड़बड़-पक्काटियाला-संसारपुर टैरस
चिंतपूर्णी आने वाले यात्री लाभान्वित होंगे। इससे पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी
5 सुनहेत-बड़ा-मचकुंड महादेव-डाडासिबा-पुलबाड़ा
एनएच बनने से स्थानीय आबादी लाभान्वित होगी
6 मसरूर-धंगड़-गुलेर-नंदपुर-नगरोटा सूरियां-पुलनंद नाला
वाहन चालकों सहित स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। यह लिंक मार्ग था।
7 धर्मशाला से शिमला फोरलेन
पर्यटकों को सुविधा होगी। सफर कम समय में पूरा होगा।
हमीरपुर जिले के लिए घोषित नए एनएच का ये होगा फायदा
1 जलाड़ी-कांगू-गलोड-सलौणी, बिझड़ी-बरठी-घुमारवी 80 किमी मार्ग से नादौन और बड़सर विस क्षेत्र की 55 ग्राम पंचायतों के 90 हजार की आबादी को लाभ पहुंचेगा।
2 बंगाणा-धनेटा-रंगस- जिहण 30 किमी मार्ग से नादौन विस क्षेत्र की 30 पंचायतों की 45 हजार आबादी लाभान्वित होगी।
3 धनेटा-बड़सर-शाहतलाई-बरठीं- भगेठ 70 किमी मार्ग से नादौन और बड़सर विस क्षेत्र की 15 पंचायतों की 30 हजार आबादी लाभान्वित होगी।
4 हमीरपुर-दोसड़का-तरक्वाड़ी- भोरंज-जाहू मार्ग के तहत हमीरपुर और भोरंज विस क्षेत्र की 25 पंचातयों की 50 हजार आबादी लाभान्वित होगी