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Solan News: क्रशरों से उड़ रही धूल से परेशान ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
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नालागढ़ के तहत मंझोली क्षेत्र में सड़क के किनारे लगे क्रेशरो से परेशान होकर सड़क पर धरने पर बैठ
मंझोली में पांच क्रशरों के खिलाफ प्रदर्शन, एक किलोमीटर लंबा लगा जाम
ग्रामीणों की मांग, 500 मीटर कच्ची सड़क को जल्द किया जाए पक्का
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के मंझोली क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क को जाने वाली सड़क के किनारे चल रहे करीब पांच क्रशरों से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर उतर आया। क्रशरों से निकलने वाले टिपरों और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से उड़ने वाली धूल-मिट्टी से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर रास्ता कच्चा है। इस मार्ग से दिनभर टिपर और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहन के गुजरने के दौरान धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसी रास्ते से उन्हें अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है। गांव के बच्चे भी इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाली धूल के कारण बच्चे स्कूल पहुंचने से पहले ही धूल-मिट्टी से भर जाते हैं और उनके कपड़े भी खराब हो जाते हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से धूल की समस्या झेलने के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में कई लोग सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीण बोनी नेगी ने बताया कि क्षेत्र में करीब पांच क्रशर चल रहे हैं और यहां से रोजाना सैकड़ों टिपर व ट्रैक्टर माल लेकर गुजरते हैं। क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर रास्ता कच्चा होने के कारण पूरे क्षेत्र में धूल उड़ती रहती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्कूल जाने के समय स्थिति और खराब हो जाती है। 2 अक्तूबर को क्रशर मालिकों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में सड़क की स्थिति सुधारने और धूल की समस्या को कम करने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक के बाद केवल दो दिन तक सड़क पर पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन इसके बाद फिर स्थिति पहले जैसी हो गई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर कच्चे रास्ते को पक्का करने की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सड़क को पक्का नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना और चक्का जाम जारी रहेगा। ग्रामीणों ने क्रशर संचालकों और प्रशासन से समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन और चक्का जाम के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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ग्रामीणों की मांग, 500 मीटर कच्ची सड़क को जल्द किया जाए पक्का
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के मंझोली क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क को जाने वाली सड़क के किनारे चल रहे करीब पांच क्रशरों से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर उतर आया। क्रशरों से निकलने वाले टिपरों और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से उड़ने वाली धूल-मिट्टी से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर धरना प्रदर्शन कर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर रास्ता कच्चा है। इस मार्ग से दिनभर टिपर और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहन के गुजरने के दौरान धूल का इतना गुबार उठता है कि कुछ समय के लिए सामने का रास्ता दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इसी रास्ते से उन्हें अपने घरों तक पहुंचना पड़ता है। गांव के बच्चे भी इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वाहनों की आवाजाही के दौरान उड़ने वाली धूल के कारण बच्चे स्कूल पहुंचने से पहले ही धूल-मिट्टी से भर जाते हैं और उनके कपड़े भी खराब हो जाते हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से धूल की समस्या झेलने के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में कई लोग सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीण बोनी नेगी ने बताया कि क्षेत्र में करीब पांच क्रशर चल रहे हैं और यहां से रोजाना सैकड़ों टिपर व ट्रैक्टर माल लेकर गुजरते हैं। क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर रास्ता कच्चा होने के कारण पूरे क्षेत्र में धूल उड़ती रहती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्कूल जाने के समय स्थिति और खराब हो जाती है। 2 अक्तूबर को क्रशर मालिकों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में सड़क की स्थिति सुधारने और धूल की समस्या को कम करने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक के बाद केवल दो दिन तक सड़क पर पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन इसके बाद फिर स्थिति पहले जैसी हो गई।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग क्रशरों से मुख्य सड़क तक करीब 500 मीटर कच्चे रास्ते को पक्का करने की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सड़क को पक्का नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना और चक्का जाम जारी रहेगा। ग्रामीणों ने क्रशर संचालकों और प्रशासन से समस्या का जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन और चक्का जाम के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

नालागढ़ के तहत मंझोली क्षेत्र में सड़क के किनारे लगे क्रेशरो से परेशान होकर सड़क पर धरने पर बैठ