पहल: अब तोलने के बाद ही पुल पार करेंगी गाड़ियां
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हिमाचल में बढ़ते हादसों के मद्देनजर प्रदेश सरकार अब नई पहल करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के महत्वपूर्ण पुलों के पास चलती गाड़ियों का भार तोलने वाली मशीनें लगाई जाएंगी। ओवरलोड गाड़ियों पर नकेल कसने के लिए ये पहल की जा रही है। मनाली और गुलाबा सड़क के पास मशीनें लगाने को टेंडर बुला दिए गए हैं। ये 30 जनवरी तक मंगवाए गए हैं।
अन्य स्थानों को भी जल्दी ही चिन्हित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश की सड़कों पर कोई भी गाड़ी आठ टन तक भार ढोने के लिए ही अधिकृत है, जबकि प्रदेश के बड़े बिजली प्रोजेक्टों और अन्य परियोजनाओं के लिए बड़े ट्राले चल रहे हैं। इससे सड़कें खराब हो रही हैं और पुलों की बुनियादें भी हिलने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते प्रदेश सरकार ने ये पहल की है।
बाली बोले, हादसे रोकने के लिए अहम योजना
नेशनल हाइवे पर जहां केंद्रीय सहायता से इस तरह के उपकरण लगाए जा रहे हैं, वहीं प्रदेश सरकार अब सामान्य सड़कों पर भी निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मोड पर इस योजना को अमलीजामा पहनाने जा रही है। शुरुआत में ऐसे चार या पांच स्थलों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलों के पास लगाई जाने वाली मशीनों को वेट इन मोशन (विम) कहा जाता है।
परिवहन मंत्री जीएस बाली का कहना है कि हिमाचल में सड़कों, पुलों की सुरक्षा और हादसों से लोगों की हिफाजत के लिए सरकार पीपीपी मोड पर इस योजना को अमलीजामा पहनाने जा रही है। मनाली और गुलाबा सड़क के लिए टेंडर बुलाए दिए गए हैं। कुछ और जगहों को भी चिन्हित किया जा रहा है।