हिमाचल में शहरों की तर्ज पर सोलर लाइटों से जगमगाएंगे गांव
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शहरों की तर्ज पर अब गांव भी सोलर स्ट्रीट लाइटों से जगमगाएंगे। हिम ऊर्जा ने इसका प्लान तैयार किया है। हर पंचायत में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होंगे। संयंत्र को ग्रिड से कनेक्ट किया जाएगा। इसके बाद इसमें टू वे मीटर लगाए जाएंगे।
गांव को जाने वाली बिजली लाइन से स्ट्रीट लाइटों को कनेक्ट किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक लखविंद्र सिंह राणा की ओर से लाए गैर सरकारी संकल्प के जवाब में दी।
उन्होंने कहा कि एक बार खर्च करने के बाद गांव की स्ट्रीट लाइटों के लिए मुफ्त में बिजली मिल सकेगी। ऊना जिला ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। सौर ऊर्जा के दोहन के लिए केंद्र सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय सौर मिशन कार्यक्रम 2010 में शुरू किया है।
1,75,000 मेगावाट क्षमता के दोहन का लक्ष्य
इसके तहत 20 हजार मेगावाट क्षमता के दोहन का लक्ष्य रखा गया था। अब इसे बढ़ाकर 1,75,000 मेगावाट किया गया है। वर्ष 2021 -22 तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
कुल लक्ष्य में 40 हजार मेगावाट छत पर स्थापित किए जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से प्राप्त किया जाना है। भवनों की छतों पर ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना से विद्युत उपभोक्ता अपने घर को पावर हाउस बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा नीति के अनुसार ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना निजी भूमि या बंजर भूमि, सरकारी भूमि पर भी की जा सकती है। मंत्री के आश्वासन के बाद विधायक ने अपने संकल्प को वापस ले लिया।