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दिल्ली-मुंबई ही नहीं, पाकिस्तान को भी पसंद है ये खास किस्म का टमाटर

Fri, 15 Jul 2016 12:54 PM IST
अखिलेश महाजन/अमर उजाला, सोलन
अखिलेश महाजन/अमर उजाला, सोलन Updated Fri, 15 Jul 2016 12:54 PM IST
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Solan Tomato supply to Pakistan.
सुर्ख लाल रंग का लाल सोना टमाटर। - फोटो : अमर उजाला

सुर्ख लाल रंग का लाल सोना टमाटर। सोलन के नाम से मशहूर इस टमाटर की प्रजाति को सरहद पार पाकिस्तान में भी पसंद किया जाने लगा है। सीजन खुलने पर लाल सोना की धमक प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा ,पंजाब, कोलकाता, मुंबई की मंडियों में ही नहीं बल्कि लाहौर से कराची सब्जी मंडी तक है।

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जल्दी पकने के साथ सब्जी या करी को नेचुरल लाल रंग देने वाले गुणों से लबालब इस टमाटर की खरीद अमृतसर और दिल्ली के चुनिंदा कारोबारी करते हैं। इन्हीं के माध्यम से मांग के मुताबिक और नियमों के तहत तय स्टाक सरहद पार भेजा जाता है।
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पिछले चार साल से औसतन सोलन मंडी में 10 से 12 ट्रक टमाटर चुनिंदा कारोबारियों के लिए तैयार किया जाता है। अगस्त से सितंबर तक पाकिस्तान के लिए टमाटर सोलन सब्जी मंडियों से उठाया जाता है। वहां तय स्टॉक भेजे जाने के कारण किसानों को कीमत भी अच्छी मिलती है।

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सूबे में सोलन से शुरू हुई टमाटर की खेती

Solan Tomato supply to Pakistan.
1942 में सोलन की सपरुण वैली में पहली बार टमाटर की खेती की गई। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में सोलन से टमाटर की खेती शुरू हुई। 1942 में सोलन की सपरुण वैली में पहली बार टमाटर की खेती की गई। स्थानीय निवासी देवी चंद मेहता ने कोलकाता बेस्ड स्टन एंड संस कंपनी का बीज अपने खेतों में डाला।

1943-44 में क्षेत्र के दूसरे किसानों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई और खेती शुरू की। शुरुआत में ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कत थी। टमाटर को सेफ टिन के लाक डिब्बों में रेल से दिल्ली भेजा जाने लगा। इसकी एक चाबी किसान और दूसरी आढ़ती के पास रहती थी।

टमाटर की डिमांड बढ़ने लगी। 1945 में सोप और ऑरेंज के डिब्बों में खेप भेजी जाने लगी और 1956 में पाइन के बॉक्स में दिल्ली, कलकत्ता और मुंबई मंडियों तक टमाटर भेजा जाने लगा।

सोलन गोला थी पहली प्रजाति

Solan Tomato supply to Pakistan.

डॉ. वाईएस परमार औद्योनिकी एवं वाणिकी विवि के कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर का कहना है कि टमाटर का इस तरह का दौर 1956 तक चला। उसके बाद 1962-63 में सरकार ने चंबाघाट कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में सोलन गोला नाम की पहली प्रजाति इजाद की।

उसके बाद ब्रीड सुधरती गई और लाला सोना की तरह करीब 18 प्रजातियां विकसित हुईं जिन्हें देश के विभिन्न कोनों के अलावा पाकिस्तान तक भेजा जाता है।

36 करोड़ का कारोबार
सोलन में 1200 हेक्टेयर में फसल शुरू हुई थी। औसतन सालाना 9 लाख 74 हजार 948 क्विंटल टमाटर सोलन से निकलता है। सोलन टमाटर का सालाना औसत कारोबार 36 करोड़ का होता है।

पाकिस्तान भेजा जाता है टमाटर : ठाकुर

Solan Tomato supply to Pakistan.

सोलन मंडी समिति के आढ़ती एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अमर चंद ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान के लिए टमाटर भेजा जा रहा है। अगस्त से सितंबर में यह टमाटर दिल्ली और अमृतसर के चुनिंदा आढ़तियों के माध्यम से लाहौर और कराची की मंडियों में भेजा जाता है।

जहां सोलन के लाल सोना की मांग है। कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व सचिव भानू कुमार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उनके कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान में टमाटर सोलन मंडी से भेजा जाता रहा है।

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