Solan News: नौणी विवि में गंदे पानी की सप्लाई छात्रों ने घंटों जमकर किया हंगामा, छात्रा की मौत होने का भी दावा
विद्यार्थियों का आरोप है कि विवि में गंदा पानी पीने से एक छात्रा की मौत हो चुकी है। 35 से ज्यादा विद्यार्थी पीलिया की चपेट में हैं। विवि प्रशासन पीलिया होने की बात को नकार रहा है।
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नौणी विश्वविद्यालय में पीलिया से कई विद्यार्थियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। इसे लेकर सोमवार को विद्यार्थी परिसर में धरने पर बैठ गए। सुबह करीब 10:00 बजे विद्यार्थियों ने गंदे पानी की बोतलें लेकर विवि के मुख्य गेट पर हंगामा किया। विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यह प्रदर्शन कई घंटे तक चला।
विद्यार्थियों का आरोप है कि विवि में गंदा पानी पीने से एक छात्रा की मौत हो चुकी है। 35 से ज्यादा विद्यार्थी पीलिया की चपेट में हैं। विवि प्रशासन पीलिया होने की बात को नकार रहा है। वहीं, प्रबंधन का तर्क है कि जिस छात्रा की मौत हुई है, वह दो माह से अपने घर में ही थी। उसकी मौत का कारण पीलिया नहीं है।
प्रबंधकों का दावा है कि विवि में साफ पानी दिया जा रहा है। जगह-जगह फिल्टर लगे हैं। फिर भी मामले की जांच की जाएगी। दूसरी ओर, विद्यार्थियों के धरने प्रदर्शन के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम भी विवि की सही स्थिति जानने के लिए दोपहर बाद पहुंची। विवि परिसर से पानी के सैंपल भरे, जिसकी रिपोर्ट जल्द आएगी।
ये लगाए आरोप
विद्यार्थियों का आरोप है कि गंदा पानी पीने के लिए दिया जा रहा है। जब छात्र बीमार हो रहे हैं तो उन्हें छुट्टी देकर घर भेजा जा रहा है। कई विद्यार्थियों ने घर जाकर पीलिया की जांच करवाई तो इसमें कइयों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भी 35 विद्यार्थी पीलिया की चपेट में आ गए हैं।
इनका इलाज घर में चल रहा है। इससे पहले भी कई विद्यार्थी पीलिया से ग्रसित होने के बाद ठीक हो चुके हैं। इस बारे में विवि प्रशासन को कई बार बताया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। विवि में कई ऐसी टंकियां हैं, जिनके ढक्कन लंबे समय से टूटे हैं। एक्वागार्ड और फिल्टर की भी सफाई समय पर नहीं हो रही है।
छात्रों से बात करने पहुंचे डीन और एचओडी
विवि के मुख्य गेट पर छात्रों के धरना देने के बाद बात करने के लिए डीन और एचओडी पहुंचे। मामला सुलझाने के लिए छात्रों से बात की गई, लेकिन छात्रों ने डीन और एचओडी की एक न सुनी और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
विवि में सभी जगह फिल्टर और एक्वागार्ड लगे हैं। विद्यार्थियों की बात सुनी गई है। सभी टंकिंयों को समय पर साफ किया जाता है। फिल्टर के कैंडर बदलने की भी तिथियां लिखी गई हैं। गंदा पानी कहां से आया है, इसकी जांच की जा रही है। जिस छात्रा की मौत हुई है, वह बीते दो माह से घर पर थी। उसे पीलिया नहीं था। - सूचित अत्री, जनसंपर्क अधिकारी, नौणी विवि
विवि में पीलिया की जानकारी मिलते ही टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। टीम ने विवि से भी पूरी जानकारी ली है। इसकी रिपोर्ट भी बनाई जा रही है। बीते दिनों हुई छात्रा की मौत का कारण पीलिया नहीं है। इस बात की जांच भी हो रही है। दो माह में 26 छात्र पीलिया से ग्रसित हुए हैं। - डॉ. राजन उप्पल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
नौणी विवि में पीलिया मामले आने पर जागा महकमा, भरेगा पानी के सैंपल
नौणी विवि में पीलिया मामले आने के बाद अब जिला स्वास्थ्य विभाग जागा है। महकमे ने विश्वविद्यालय में पानी के सैंपल भरने के लिए जिला खाद्य सुरक्षा विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं। इसी के साथ आसपास की दुकानों में पानी समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने के लिए भी कहा है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग मंगलवार को ही पानी के सैंपल भरने के लिए विवि में जाएगी। जिसके बाद इसे सीटीएल कंडाघाट और नेशनल वायराल़ॉजी लैब पुणे भेजे जाएंगे।
जहां से रिपोर्ट आने के बाद ही पानी के खराब होने की सही स्थिति का पता लग सकेगा। हैरत की बात तो यह है कि विवि में पिछले दो माह में 26 विद्यार्थी और कर्मचारी पीलिया से ग्रसित हो चुके हैं। लेकिन इस बात को विवि प्रशासन ने पूरी तरह से छुपाकर रखा। जिसे लेकर विवि में पढ़ने वाले छात्रों का गुस्सा फूट गया और सोमवार को उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। ऐसा होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की ओर से उठाए गए मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच कमेटी का गठन किया।
वहीं एक्वागार्ड, पानी के स्रोंतों समेत फिल्टर की सफाई के लिए भी टीम का गठन कर दिया गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने मामले में खंड चिकित्सा अधिकारी को नजर बनाए रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं और रोजाना रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। इसी के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोपहर बाद पहुंचकर पूरी जानकारी विवि प्रशासन से मांगी। इसमें कई प्रकार के खुलासे हुए हैं।
जांच के दौरान पता चला है कि विश्वविद्यालय के 19 विद्यार्थी और सात कर्मचारी पीलिया से ग्रसित हुए हैं। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट भी तैयार की है। गौर रहे कि विवि में पानी की सप्लाई के लिए बोरवेल लगाया गया है। इससे रोजाना पानी सप्लाई होती है। बीते कई दिनों से पीने का पानी गंदा आ रहा था और विद्यार्थी लगातार इस बात को लेकर प्रशासन से मिल रहे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं की गई।
विवि में नहीं है आपात दवाएं
छात्रों का आरोप है कि विवि में आपात दवाएं भी नहीं है। अगर किसी विद्यार्थी को पेट में दर्द होती है तो उसे पेरासिटामोल दे दी जाती है। वहीं अन्य कई दवाएं उपलब्ध नहीं है। जब विद्यार्थी बीमार होते है तो उन्हें छुट्टी दें दी जाती है। लेकिन कोई ध्यान विद्यार्थियों पर नहीं दिया जा रहा है।
रात भर चलेगा प्रदर्शन
धरना प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक मामले की सुनवाई के लिए विवि के कुलपति नहीं आते है तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे। वहीं इसके अलावा कई गंभीर आरोप विवि पर विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए हैं। उनका कहना है कि अगर कोई बात नहीं करेगा तो रात भर प्रदर्शन चलता रहेगा।
25 जनवरी को अर्बन हेल्थ सेंटर नौणी में हुई थी छात्रा की जांच
छात्र जिस युवती की मौत के मामले पर यह कह रहे हैं कि उसकी मौत पीलिया से हुई है तो इस मामले में यह नहीं कहा जा सकता की उसकी मौत पीलिया से हुई है क्योंकि जो रिपोर्ट छात्रा की आई है। उसमें कहीं भी है स्पष्ट नहीं है कि पीलिया से उस छात्रा की मौत हुई है। छात्रा ने 25 जनवरी को अर्बन हेल्थ सेंटर नौणी में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई थी। इसके बाद 27 जनवरी को उसे अल्ट्रासाउंड को कहा गया था। इसके बाद छात्रा का इलाज बाहरी अस्पतालों में चलता रहा और वह विश्वविद्यालय नहीं आई इलाज के दौरान छात्रा की मृत्यु हुई है।
नौणी विवि में सोमवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान पूरी रिपोर्ट ली गई। वहीं अब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मंगलवार को विवि में पानी के सैंपल भरेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही पीलिया फैला है या नहीं इसका पता चल सकेगा। - डॉ. अमित रंजन तलवाड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी