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Himachal: 748 करोड़ का परवाणू-सोलन फोरलेन, हर मौसम में हो जाता है बंद, सड़कों पर काटनी पड़ती है रात
Sun, 16 Jul 2023 10:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 16 Jul 2023 10:30 AM IST
सार
हाईवे पर कलवर्ट ठीक न होने के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है और लोगों के घरों की ओर जा रहा है। इससे 16 घरों को खतरा पैदा हो गया है।
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन लोगों के लिए आफत बन गया है। सर्दी, गर्मी या फिर बरसात में पहाड़ी ढहनी शुरू हो जाती है। विकास की दृष्टि से एनएच को फोरलेन में तबदील किया जा रहा है। पहले चरण में परवाणू-सोलन फोरलेन पर संकट के बादल लगातार मंडरा रहे हैं। प्रथम चरण में परवाणू से सोलन तक बनी सड़क पर 748 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। लेकिन हर मौसम में पहाड़ आफत बनकर सड़क पर आ जाते हैं और सड़क बंद हो जाती है।
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इसके चलते सड़कों पर वाहन चालकों को रात काटनी पड़ती है। इस बार भी मानसून की बारिश के बीच हजारों वाहन चालकों को परवाणू से सोलन तक दरके पहाड़ों के कारण रात सड़क पर बितानी पड़ी। कई जगह पहाड़ी की तरफ वाली सड़क बंद है। वहीं, हाईवे किनारे सनवारा में भवन जमींदोज हो गया है। 34 भवन अभी भी खतरे की जद्द में हैं। घरों को जिला प्रशासन की ओर से खाली करवा दिया है और मंदिर, गुरुद्वारा समेत रैन बसेरों में ठहराया गया है।
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इसी के साथ हाईवे पर पट्टामोड़ के समीप एक पानी के टैंक पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हाईवे पर कलवर्ट ठीक न होने के कारण पानी सड़कों पर बह रहा है और लोगों के घरों की ओर जा रहा है। इससे 16 घरों को खतरा पैदा हो गया है। परवाणू से सोलन तक फोरलेन का निर्माण कार्य नवंबर 2015 में शुरू हुआ था। इस दौरान फोरलेन बनाने के लिए पहाड़ियों को काटना शुरू किया। 90 डिग्री पर पहाड़ियों की अधिकतर जगह कटिंग कर दी गई।
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तब से लेकर वर्तमान तक पहाड़ आफत बनकर बरप रहे हैं। यही नहीं पहाड़ियों पर लाल मिट्टी भी दलदल बनकर सड़क पर आ रही है। इस मूसलाधार बारिश में भी भूस्खलन होने के कारण सड़क पर पहाड़ी वाली लेन बंद पड़ी है, जिसे खोलने के लिए कंपनी को भी अधिक समय लगेगा। 11 जगहों पर सड़क धंस चुकी है। पट्टामोड़, सनवारा, तंबू मोड़ में सड़क पर एक समय में एक तरफ वाहन ही गुजर पा रहे हैं। इसी के साथ तंबू मोड़ और सनवारा में सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह से ढह गया है।
दूसरे चरण में चल रहा कार्य
हाईवे पर दूसरे चरण में भी फोरलेन निर्माण कार्य किया जा रहा है। सोलन से कैथलीघाट तक भी इसी तरह का दृश्य देखने को मिलता है। पहाड़ी वाली लेन को यहां भी बंद किया हुआ है। चंबाघाट में तीन घरों को खाली करवा दिया है। यहां भी सड़क पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। पेड़ों की कटिंग के कारण भी पहाड़ कच्चे हो चुके हैं।