हिमाचल प्रदेश: सोलन की बेटी बलजीत कौर को मिलेगा तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड, पर्वतारोहण में रचा इतिहास
सोलन की बलजीत कौर को पर्वतारोहण और साहसिक खेलों में शानदार उपलब्धियों के लिए तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी। बलजीत ने माउंट पुमोरी, धौलागिरी, एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू जैसी ऊंची चोटियों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश की बेटी और प्रोफेशनल एक्सट्रीम एथलीट एवं पर्वतारोही बलजीत कौर को देश के प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू साहसिक खेलों के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी। बलजीत कौर के इस सम्मान से सोलन समेत पूरे हिमाचल में खुशी की लहर है।
सोलन जिले की कंडाघाट तहसील के एक छोटे से गांव से निकलकर देश और दुनिया के पर्वतारोहण मानचित्र पर अपनी पहचान बनाने वाली बलजीत कौर की कहानी संघर्ष और जुनून की मिसाल है। उनके पिता अमरीक सिंह हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में बस चालक हैं, जबकि मां शांति देवी गृहिणी हैं। बचपन में बलजीत अपने तीन भाई-बहनों के साथ मां के साथ खेतीबाड़ी में भी हाथ बंटाती थीं। इसी साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने ऊंची चोटियों को अपना लक्ष्य बनाया।
बलजीत ने पर्वतारोहण में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम की हैं। 12 मई 2021 को उन्होंने नेपाल की 7,161 मीटर ऊंची माउंट पुमोरी चोटी पर तिरंगा फहराया और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसी वर्ष उन्होंने 8,167 मीटर ऊंची माउंट धौलागिरी को भी फतह किया।
उनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। बलजीत ने माउंट एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू जैसी दुनिया की कठिन पर्वत चोटियों को महज 7 दिन, 2 घंटे और 8 मिनट में फतह कर अपनी असाधारण क्षमता का परिचय दिया। इसके अलावा उन्होंने 25 घंटे 20 मिनट में एवरेस्ट और ल्होत्से पर चढ़ाई पूरी कर यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव भी हासिल किया।
तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड के लिए चुने जाने पर बलजीत कौर ने इसे अपने लिए गर्व और विनम्रता का क्षण बताया। उन्होंने अपनी सफलता उन सभी लोगों को समर्पित की, जिन्होंने उनके पर्वतारोहण के सफर में उनका साथ दिया।
गांव की पगडंडियों से दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंचने वाली बलजीत कौर की उपलब्धि हिमाचल की बेटियों के लिए भी प्रेरणा है। उनका यह सम्मान साहसिक खेलों में प्रदेश की बढ़ती पहचान को और मजबूत करेगा।