बर्फबारी और बारिश बागवानी कृषि फसलों के लिए लाभकारी
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प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फरवरी अंत में हुई बर्फबारी और बारिश बागवानी-कृषि फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च में तापमान कम रहने के कारण कृषि फसलों की पैदावार में कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।
इतना जरूर है कि तापमान कम रहने से कृषि फसलों के तैयार होने में थोड़ा विलंब होगा। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फरवरी अंत में हो रहे ताजा हिमपात और बारिश बागवानी फसलों के लिए शुभ संकेत है।
उन्होंने कहा कि सेब के पेड़ों में अमूमन 10 अप्रैल के बाद से 15 मई तक फूल आते हैं। इस दौरान सेेब के पेड़ों में फ्लावरिंग आए तो सेब की सेटिंग भी अच्छी रहती है।
इन फलों के लिए मिलेगा फायदा
इसके अलावा बर्फबारी और बारिश खुमानी, प्लम, नाशपाती और चेरी के लिए भी अच्छी रहती है। इन दिनों बादाम के पेड़ों में फ्लावरिंग आने का समय भी है और तापमान कम रहता है तो इससे फसल की पैदावार में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
इतना जरूर है कि फसल फूलों के बाद फलों की सेटिंग में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। राज्य के कृषि निदेशक डॉ. देस राज शर्मा ने कहा कि बारिश और बर्फबारी कृषि फसलों के लिए अच्छी है। इन दिनों गेहूं और मटर की फसलें खेतों में उगाई हैं। उनका कहना है कि तापमान कम होने से कृषि फसलें थोड़ी देर से तैयार होंगी।