बेटियों को आत्मरक्षा के साथ सिखाने होंगे कानूनी दांव पेच: स्मृति ईरानी
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राजधानी स्थित ऐतिहासिक रिज मैदान पर वीरवार को सैकड़ों छात्राओं ने आत्मरक्षा के सिखाए पराक्रम का शानदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने ‘मिशन साहसी कार्यक्रम’ के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया था।
कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी बतौर मुख्यातिथि इस कार्यक्रम में शिरकत की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा के साथ-साथ कानूनी दांव पेच भी सिखाने होंगे, ताकि वे कदम-कदम पर आने वाले कानूनी बाधाओं को आसानी से पार सकें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एबीवीपी ने छात्राओं को साहसी बनने का जो प्रशिक्षण दिया है, वह सराहनीय है। कहा कि बेटी का संघर्ष उसके पैदा होने से पहले ही मां की कोख से शुरू हो जाता है, जो जीवन भर चलता है।
उन्होंने इस मौके पर कन्या भ्रूण हत्या रोकने की पहल की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में यह सबका पहला कदम होना चाहिए, तभी सही मायने में बेटियां सुरक्षित हो पाएंगी।
लक्ष्मी से धन लेने की हमारी सभ्यता है अन्नपूर्णा से अन्न लेने की भारतीय संस्कृति है, लेकिन लड़की जब घर से बाहर निकलती है और उसे कोई कुछ कहता है तो आज भी सवाल एक लड़की से ही किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि लड़की किसी भी परिवार की हो, कैसे भी परिधान में हो, समाज में उन्हें सम्मान पाने का हक है। लड़की जब अपराध से लड़ती है तो उसका असल संघर्ष थाने से शुरू होता है जो कि कानून की दहलीज तक जाता है।
इस संघर्ष में लड़की का साहस बनाए रखने के लिए परिवार और समाज को खड़ा रहने के लिए जागरूकता जरूरी है। सरकार लड़कियों को सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लें।
उन्होंने कहा कि इसके लिए एबीवीपी को एक अभियान चलाना चाहिए, जिसमें लड़कियों को थाने में एफआईआर दर्ज करवाने के साथ ही कोर्ट में पेश होने के साथ कोर्ट नामा किस तरह से भरना है इसकी जानकारी दी जाए।