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स्कूल वर्दी में फंसा एक और पेच, 20 फीसदी ब्याज सहित मांगी धरोहर राशि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:26 AM IST
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स्मार्ट स्कूल वर्दी के टेंडर के लिए आवेदन करने वाली पांच कंपनियों ने खाद्य आपूर्ति निगम को नोटिस देकर 20 फीसदी ब्याज समेत धरोहर राशि मांग ली है। टेंडर में 6 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। जिस कंपनी के साथ सहमति बनी, उसके अलावा हर कंपनी ने 1 करोड़ 27 लाख रुपये ब्याज समेत मांगे हैं।
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खाद्य आपूर्ति निगम ने इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को दे दी है। निगम ने स्पष्ट किया है कि एक कंपनी के साथ बातचीत हो चुकी है। हालांकि, सरकार ने अभी टेंडर अलॉट करने की मंजूरी नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि 18 मई, 2018 को वर्दी के टेंडर आमंत्रित किए गए। इसमें 6 कंपनियों ने हिस्सा लिया।
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सभी कंपनियों के सैंपल सही पाए गए। वित्तीय निविदा में जिस कंपनी का रेट सबसे कम था, उससे निगम की सहमति बनी। 1 अगस्त को मामला प्रदेश सरकार को भेजा गया। तब से अब तक यह मामला सरकार के विचाराधीन है। खाद्य आपूर्ति निगम के ईडी तनुजा जोशी ने बताया कि मामला सरकार के विचाराधीन है। टेंडर में शामिल कंपनियों को उनकी धरोहर राशि लौटाई जाएगी।
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कंपनियों की अनुदान राशि लौटाने का मामला खाद्य आपूर्ति निगम जाने। मैंने वर्दी की फाइल भेज दी है। शिक्षा विभाग की तरफ से इसमें कुछ नहीं होना है। - सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री
क्या कहते हैं नियम
टेंडर की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आवेदन करने वाली कंपनियों की धरोहर राशि 15 दिन के भीतर लौटानी होती है। लेकिन स्कूल वर्दी का मामला उलझने से अब सरकार को 18 से 20 फीसदी ब्याज समेत धरोहर राशि लौटानी पड़ सकती है।
अभी तक नहीं मिली स्कूल वर्दी
प्रदेश सरकार ने बीते मई महीने में स्कूल वर्दी के टेंडर करने के निर्देश दिए थे, तब से अब तक यह मामला उलझा हुआ है। स्कूली छात्रों को अभी तक स्कूल वर्दी नहीं दी गई है।