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स्कूल-कॉलेज के मेधावियों को टैब या स्मार्ट मोबाइल फोन देगी सरकार
Mon, 09 Aug 2021 01:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:26 PM IST
सार
दिसंबर 2017 में प्रदेश की सत्ता में आई जयराम सरकार अभी तक शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के दस हजार मेधावियों को लैपटॉप नहीं दे सकी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के स्कूल और कॉलेज के मेधावियों को टैब और स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। जयराम सरकार लैपटॉप देने की योजना में बदलाव करने जा रही है। इस नई व्यवस्था से लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 और 2021-22 के मेधावियों के लिए नए डिजिटल डिवाइस की खरीद की जाएगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। जल्द ही इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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दिसंबर 2017 में प्रदेश की सत्ता में आई जयराम सरकार अभी तक शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के दस हजार मेधावियों को लैपटॉप नहीं दे सकी है। बीते तीन वर्षों से लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया ही जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेमकुमार धूमल के कार्यकाल में शुरू हुई मेधावियों को लैपटॉप देने योजना को जारी रखने या बंद करने को लेकर प्रदेश सरकार साल 2018 अंत तक संशय में रही। फरवरी 2019 में सरकार ने स्कूलों के 8800 और कॉलेजों के 900 मेधावियों के लिए लैपटॉप खरीद करने का फैसला लिया।
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इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन से लैपटॉप खरीद की प्रक्रिया शुरू करवाई गई। कॉरपोरेशन के साथ विवाद होने के बाद निदेशालय ने वर्ष 2020 में स्वयं लैपटॉप खरीदने का फैसला लिया। वर्ष 2020 में तीन बार शिक्षा विभाग ने जैम पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया शुरू की, लेकिन किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली। 31 मार्च 2021 को लैपटॉप खरीद का बजट लैप्स होने के बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने खरीद के लिए दोबारा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन से टेंडर करवाने का फैसला लिया है।
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कॉरपोरेशन अप्रैल से जुलाई तक पांच बार टेंडर आमंत्रित कर चुका है लेकिन कंपनी आगे नहीं आई है। ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के मेधावियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। लैपटॉप खरीद की लेटलतीफी के चलते सरकार ने अब 2020-21 और 2021-22 सत्र के मेधावियों को टैब या स्मार्ट फोन देने का फैसला लिया है। लैपटॉप के मुकाबले टैब या मोबाइल की कीमत होने के चलते सरकार ने लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने का फैसला लिया है। संभावित है कि अब दस हजार की जगह बीस हजार मेधावियों को डिजिटल डिवाइस दिए जा सकते हैं।