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Shimla News: एमसी को मिली पार्किंग में से स्मार्ट सिटी प्रबंधन लेगा 30 फीसदी हिस्सा
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खास खबर...
ऑकलैंड, टुटू, संकटमोचन और एसडीए पार्किंग से एक करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होने का है अनुमान
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए जा रहे सौ से अधिक कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार की गई पार्किंग का संचालन नगर निगम को सौंपा जा रहा है, लेकिन इनसे होने वाली कमाई का पूरा पैसा निगम के खाते में जमा नहीं होगा।
नगर निगम को पार्किंग शुल्क से होने वाली आय का 30 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को देना होगा। स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार नगर निगम के साथ इस संबंध में एग्रीमेंट किया जा रहा है। इसमें परियोजना की कुल लागत के आधार पर कमाई में स्मार्ट सिटी प्रबंधन का हिस्सा तय किया जाएगा। शिमला शहर में इस मिशन के तहत सौ से अधिक नए कार्य किए गए हैं। हालांकि इनमें पार्किंग, लिफ्ट, व्यावसायिक परिसर और एस्केलेटर ही ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनसे कमाई होती है।
इनमें से अभी तक नगर निगम को चार पार्किंग के संचालन का अधिकार मिला है। ऑकलैंड, टुटू, संकटमोचन और एसडीए परिसर कसुम्पटी की पार्किंग का संचालन नगर निगम कर रहा है। निगम ने इनके आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। वाहन मालिकों से पार्किंग शुल्क और टेंडर प्रक्रिया के जरिये निगम को इन चारों पार्किंग से सालाना करीब एक करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। ऐसे में इस कमाई का 30 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन के खाते में जमा किया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि नगर निगम नियमानुसार स्मार्ट सिटी प्रबंधन को 30 फीसदी हिस्सा देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के खाते में 70 फीसदी कमाई जमा होगी। यह राशि भी लाखों रुपये में होगी जिससे शहर में नए विकास कार्य करवाए जा सकेंगे।
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लिफ्ट-एस्केलेटर में भी हिस्सा लेगा स्मार्ट सिटी प्रबंधन
स्मार्ट सिटी प्रबंधन लिफ्ट और एस्केलेटर से होने वाली कमाई में भी अपना हिस्सा लेगा। शहर में अभी एक एस्केलेटर और दो लिफ्ट का संचालन किया जा रहा है। इनका संचालन रोपवे कॉर्पोरेशन कर रहा है। अभी तक स्मार्ट सिटी प्रबंधन को इनसे कोई आय नहीं हुई है। ऐसे में अब इनकी कमाई में हिस्सा तय करने को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में कॉर्पोरेशन से 30 से 45 फीसदी तक हिस्सा लिया जा सकता है।
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ऑकलैंड, टुटू, संकटमोचन और एसडीए पार्किंग से एक करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होने का है अनुमान
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए जा रहे सौ से अधिक कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार की गई पार्किंग का संचालन नगर निगम को सौंपा जा रहा है, लेकिन इनसे होने वाली कमाई का पूरा पैसा निगम के खाते में जमा नहीं होगा।
नगर निगम को पार्किंग शुल्क से होने वाली आय का 30 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को देना होगा। स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार नगर निगम के साथ इस संबंध में एग्रीमेंट किया जा रहा है। इसमें परियोजना की कुल लागत के आधार पर कमाई में स्मार्ट सिटी प्रबंधन का हिस्सा तय किया जाएगा। शिमला शहर में इस मिशन के तहत सौ से अधिक नए कार्य किए गए हैं। हालांकि इनमें पार्किंग, लिफ्ट, व्यावसायिक परिसर और एस्केलेटर ही ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनसे कमाई होती है।
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इनमें से अभी तक नगर निगम को चार पार्किंग के संचालन का अधिकार मिला है। ऑकलैंड, टुटू, संकटमोचन और एसडीए परिसर कसुम्पटी की पार्किंग का संचालन नगर निगम कर रहा है। निगम ने इनके आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। वाहन मालिकों से पार्किंग शुल्क और टेंडर प्रक्रिया के जरिये निगम को इन चारों पार्किंग से सालाना करीब एक करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। ऐसे में इस कमाई का 30 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन के खाते में जमा किया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि नगर निगम नियमानुसार स्मार्ट सिटी प्रबंधन को 30 फीसदी हिस्सा देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के खाते में 70 फीसदी कमाई जमा होगी। यह राशि भी लाखों रुपये में होगी जिससे शहर में नए विकास कार्य करवाए जा सकेंगे।
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लिफ्ट-एस्केलेटर में भी हिस्सा लेगा स्मार्ट सिटी प्रबंधन
स्मार्ट सिटी प्रबंधन लिफ्ट और एस्केलेटर से होने वाली कमाई में भी अपना हिस्सा लेगा। शहर में अभी एक एस्केलेटर और दो लिफ्ट का संचालन किया जा रहा है। इनका संचालन रोपवे कॉर्पोरेशन कर रहा है। अभी तक स्मार्ट सिटी प्रबंधन को इनसे कोई आय नहीं हुई है। ऐसे में अब इनकी कमाई में हिस्सा तय करने को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में कॉर्पोरेशन से 30 से 45 फीसदी तक हिस्सा लिया जा सकता है।