शिमला में अस्थाई ढारे में भड़की आग, जिंदा जला व्यक्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालीबाड़ी के पास डंगे में अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहा युवक जिंदा जल गया। यह नशे का आदि था और मानसिक रूप से बीमार भी था। मंगलवार सुबह मृतक के भाई ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी कि कालीबाड़ी के पास आग लगी हुई है।
फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को शांत किया। इसी दौरान पता चला कि आग में युवक भी जिंदा जल गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी पहुंचाया गया। इसकी पहचान अनिल भाटिया के रूप में हुई है। उम्र 37 साल बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि युवक काफी समय से यहां रह रहा था। जमीन पर बिस्तर लगाया था। आग से सारा सामान राख हो गया है। माल रोड फायर स्टेशन ऑफिसर डीसी शर्मा ने बताया कि 11 बजे तक आग को पूरी तरह से शांत कर दिया गया था।
मां ने बताया, नशे का आदि हो गया था बेटा
उन्होंने बताया कि मृतक वहां पर अकेला अपने परिवार से अलग रहता था, हो सकता है कि उसने ठंड से बचने के लिए आग जलाई हो। आग भड़क जाने या धुआं होने के कारण उसका दम घुट गया हो।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल पाएगा। आग लगने के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। उसकी मां स्वर्णलता बीएसएनएल की कॉलोनी में रहती है।
मां स्वर्ण लता ने बताया कि उसका बेटा शराब का आदि हो गया था, घर पर उसने सामान आदि बेचना शुरू कर दिया था। इसलिए उसे रात को सोने के लिए अस्थायी ठिकाना बना दिया था।
खाना-पीना मां के साथ ही करता था। सोने के लिए वह वहां चला जाता था। मां ने उसे एक स्टोव, बिस्तर और एक कुर्सी दे रखी थी। मां ने बताया कि उसके बड़े बेटे ने उसे सुबह सूचना दी कि वहां आग लग गई है।