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जहरीले जंगली पत्तों की सब्जी खाने से छह मजदूर बीमार
Thu, 11 Jun 2020 05:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, सांगला (किन्नौर)
अमर उजाला नेटवर्क, सांगला (किन्नौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 11 Jun 2020 05:43 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
जनजातीय जिला किन्नौर के मुरंग में 100 मेगावाट टिंडोंग परियोजना में कार्यरत झारखंड के 6 मजदूर जहरीले जंगली पत्ते के सब्जी खाने से फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हो गए। इन्हें बुधवार रात को मुरंग से क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ लाया गया। यहां सभी की तबीयत ज्यादा खराब होने से इन्हें रामपुर के खनेरी अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड के अनमोल बारला, संतोष सूरीन और लोरंस हेमरोम परियोजना में ड्रिलर का कार्य करते हैं तथा अन्य तीन जीवन, मंजीत और नेलन लेबर का काम करते हैं। बुधवार शाम को ये सभी नजदीकी जंगल से पालक समझकर जहरीले जंगली पत्ते को लेकर आ गए और अपने शेड में पहुंचकर इसकी सब्जी बनाकर खा लिया। इससे उनकी तबीयत खराब हो गई।
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मुरंग थाना प्रभारी दलीप चंद को दिए बयान में टिंडोंग परियोजना के अधिकारी ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद इन्हें कंपनी के फार्मासिस्ट ने प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद इन्हें रिकांगपिओ अस्पताल ले जाया गया। उधर, सीएमओ किन्नौर सोनम नेगी ने बताया कि इन छह लोगों ने एट्रोपा मेलोडिना नामक जंगली जहरीले पत्तों की सब्जी बनाकर खा ली थी। जिसके कारण सभी बीमार हो गए थे। अब उनकी तबीयत में सुधार है। मामले की पुष्टि एसपी किन्नौर एसआर राणा ने की है।
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