निजी बसों में जोरदार टक्कर, 6 घायल, सर्कुलर रोड हुआ जाम
हादसे में चालक समेत छह लोग घायल हो गए। गाड़ियों की दोनों ओर से लंबी लाइनें लग गई इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का वाहन काफिला भी कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम में फंस कर रह गया।
सीएम टालेंड से बैम्लोई की ओर आ रहे थे। बसों को क्रेन से हटाने के लिए समय लग गया क्योंकि क्रेन को स्पॉट तक पहुंचाना भी मुश्किल काम था। पहले से संकरी सड़क और उस पर गाड़ियों की लाइन से क्रेन को जगह बनाने में काफी वक्त लगा।
ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा
एसपी शिमला ओमापति जमवाल भी मौके पर पहुंचे । बसों में र्हइु टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बसों की ड्राइवर साइड एक दूसरे के भीतर घुस गई, सड़क से बसों को हटाने के लिए क्रेन मंगवानी पड़ी।
सड़क के बीचों बीच बसें फंसने के कारण पूरा सर्कुलर रोड जाम हो गया। वाहनों की कतार ट्रिपल एच से ओल्ड बस स्टैंड और दूसरी और खलीनी तक लग गई। गाड़ियों को जाम से निकालने के लिए ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।
सर्कुलर रोड जाम होने के बाद पुलिस ने ओल्ड बस स्टैंड की ओर से आ रहे ट्रैफिक को हाईकोर्ट होते डायवर्ट किया। छोटा शिमला की ओर से आ रही गाड़ियों को खलीनी से टूटीकंडी बाईपास की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
ओल्ड बस स्टैंड और लोकल बस स्टैंड से छोटा शिमला, संजौली और ढली जाने वाली बसों को वाया लक्कड़ बाजार बस स्टैंड रवाना किया गया। खलीनी, विकासनगर, बीसीएस, न्यू शिमला, पंथाघाटी और मैहली रूट पर चलने वाली बसें वाया टूटीकंडी आईएसबीटी रवाना की गई। दुर्घटना के बाद करीब एक घंटे तक सर्कुलर रोड पर वाहनों की आवाजाही थमी रही।
पुलिस और आरटीओ की अनदेखी पड़ रही भारी
शिमला पुलिस और आरटीओ की अनदेखी के कारण प्राइवेट आपरेटरों की दबंगई आम पब्लिक पर भारी पड़ रही है। शहर की बेहद संकरी सड़कों पर प्राइवेट बसें तेज रफ्तार से दौड़ रही हैं।
शहर के हर दूसरे मोड़ पर पुलिस के जवान तैनात हैं बावजूद इसके मनमानी करने वाले बस आपरेटरों पर पुलिस महकमा अंकुश नहीं लगा पा रहा है। परिवहन विभाग के तहत आरटीओ दफ्तर भी बसों के निरीक्षण के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है।
पुलिस और आरटीओ विभाग के दावों के बावजूद शहर में चल रही प्राइवेट बसों में ड्राइवर कंडक्टर वर्दी तक नहीं पहनते। आलम यह है कि एक भी बस में सवारियों को टिकट नहीं दिया जा रहा। बसों में कानफाड़ूू म्यूजिक बजता है अगर कोई यात्री आपत्ति जताए तो उससे दुर्व्यवहार किया जाता है।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन
बस हादसे के बाद रस्म अदायगी के लिए पुलिस और आरटीओ दो चार दिन बसों का निरीक्षण कर कार्रवाई करते हैं। इस दौरान आपरेटर भी अपनी बसों में ड्राइवर कंडक्टरों को वर्दी पहना देते हैं और टिकटें देनी शुरू कर दी जाती हैं लेकिन सरकारी महकमों के ढीले पड़ते ही पब्लिक को प्राइवेट आपरेटरों के रहमो करम पर छोड़ दिया जाता है।
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि दो प्राइवेट बसों में टक्कर होने की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया। हादसे में चालक समेत छह लोगों को चोटें आई हैं। थाना सदर पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।