फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   sirmour and solan district will become model in ayurveda

आयुष ग्राम योजनाः हिमाचल के ये जिले बनेंगे आयुर्वेद के मॉडल

Mon, 04 Dec 2017 01:07 PM IST
संजय भारद्वाज /अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज /अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Mon, 04 Dec 2017 01:07 PM IST
विज्ञापन
sirmour and solan district will become model in ayurveda

आयुर्वेद को अपनाकर दिनचर्या और रहन-सहन में बदलाव लाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश के सोलन और सिरमौर जिलों का आयुष ग्राम योजना के लिए चयन हुआ है। सिरमौर जिले की चार पंचायतें चयनित हुई हैं।

विज्ञापन









सोलन में भी इतनी ही पंचायतों का चयन हुआ है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा प्रोजेक्ट स्वीकृत हो गया है। सिरमौर को पहली किस्त के रूप में दस लाख रुपये मिले हैं। 
विज्ञापन


इनसे चारों पंचायतों में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ औषधीय और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। आयुर्वेद के अनुसार रहन-सहन में बदलाव के लिए भी पंचायतों के लोग जागरूक किए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आयुर्वेद विभाग ने निदेशक के माध्यम से केंद्र सरकार को आयुष ग्राम योजना का प्रोजेक्ट मंजूरी को भेजा था। प्रोजेक्ट में सिरमौर की आमवाला-सैनवाला, सलानी-कटोला, बर्मा-पापड़ी और कौलांवालाभूड को शामिल किया गया है। हाल ही में आयुष मंत्रालय से इसकी मंजूरी का पत्र मिला है। 

क्या होंगे योजना के फायदे

sirmour and solan district will become model in ayurveda

पहले चरण में सिरमौर और सोलन जिले की चार-चार पंचायतों का चयन हुआ है। पहली किस्त के रूप में आयुष मंत्रालय ने सिरमौर को दस लाख की धनराशि उपलब्ध करवाई है। इससे लोगों को आयुष की विभिन्न क्रियाओं और गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ रहने पर जोर दिया जाएगा।

संबंधित पंचायतों के लोगों को औषधीय गुणों से युक्त पौधों की खेती करवाई जाएगी। इन औषधीय पौधों को लोगों की दिनचर्या में शामिल किया जाएगा। स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए दवाइयों की बजाय औषधीय पौधों से उपचार करने के तरीके बताए जाएंगे।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. केआर मोगटा ने कहा कि इन पंचायतों में विशेषज्ञ समय-समय पर दौरा करेंगे। यहां के लोगों को नवीनतम कार्यप्रणालियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

योजना के तहत औषधीय पौधों की खेती करने के बाद चारों पंचायतें औषधीय पौधों के लिए जानी जाएंगी। आर्थिक तौर पर मजबूती के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी इलाके के लोग अंग्रेजी दवाइयों पर निर्भर नहीं रहेंगे।

तुलसी, करेला, अंजीर, आंवला, हरड़ आदि औषधीय पौधों से उपचार के तरीके बताए जाएंगे। हिमाचल ही नहीं, दूसरे राज्यों के लोग भी इन पंचायतों में होने वाली आयुर्वेदिक खेती को देखने यहां पहुंचेंगे। इससे पर्यटन कारोबार भी बढ़ने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed